
रायपुर/कोंडागांव।
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू हुआ है। एसीबी–ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने रविवार तड़के रायपुर, कोंडागांव और अन्य जिलों में कुल 20 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। कार्रवाई के केंद्र में कोंडागांव का डीएमएफ (जिला खनिज निधि) घोटाला बताया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।
कोंडागांव में बड़ी दबिश
सरगीपाल निवासी कोणार्क जैन के घर छापा
रविवार सुबह लगभग 6 बजे एसीबी की टीम कोंडागांव जिले के सरगीपाल स्थित कोणार्क जैन के निवास पर पहुँची। अधिकारियों के अनुसार, डीएमएफ संबंधी कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। टीम ने घर और उससे जुड़े दस्तावेजी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की।
सूत्रों की मानें तो कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण फाइलें और डिजिटल डाटा जब्त किया गया है, जिसकी जांच जारी है
राजधानी रायपुर में भी दबिश
रायपुर में भी एसीबी–ईओडब्ल्यू की टीमों ने कई स्थानों पर छापे मारे।जिन ठिकानों पर दबिश दी गई, वे डीएमएफ और अन्य विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों और अधिकारियों से संबंधित बताए जा रहे हैं। राजधानी में सुबह–सुबह हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी।
अभियान पूरे दिन जारी रहेगा
अधिकारियों ने बताया कि यह दिनभर चलने वाली बड़ी संयुक्त कार्रवाई है। तकनीकी टीम, बैंक दस्तावेज विशेषज्ञ और फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी इस ऑपरेशन में शामिल हैं ताकि वित्तीय लेनदेन की सटीक जांच की जा सके।
डीएमएफ फंड में गड़बड़ी का आरोप
छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी जिलों में खनन से मिलने वाले डीएमएफ फंड का उपयोग विकास कार्यों के लिए होता है, लेकिन लंबे समय से इसमें अनियमितता की शिकायतें उठ रही थीं। कोंडागांव में हुई यह ताजा कार्रवाई इन्हीं शिकायतों पर आधारित बताई जा रही है।
जनता की निगाहें परिणामों पर
छापेमारी की खबर फैलते ही कोंडागांव से लेकर रायपुर तक चर्चा तेज हो गई है। लोग यह देखने के इंतजार में हैं कि इस बड़े अभियान से क्या नए खुलासे होते हैं और कौन–कौन इस कार्रवाई के दायरे में आता है।





