
दिनांक : 16 नवम्बर 2025
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के इतिहास और जननायकों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को बिलासपुर के रघुराज स्टेडियम में आयोजित समारोह में ऐतिहासिक घोषणा की—अब लाल खदान ओवरब्रिज का नाम महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे।
जनजातीय उत्थान पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से है। राज्य सरकार का लक्ष्य न सिर्फ इन धरोहरों का संरक्षण करना है, बल्कि उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
उन्होंने घोषणा की कि—
जनजातीय उत्थान के लिए विशेष विकास योजनाएं लागू की जाएँगी। जनजातीय सांस्कृतिक केंद्रों और संग्रहालयों का विस्तार किया जाएगा।ऐतिहासिक स्थलों एवं जनजातीय नायकों से जुड़े स्थानों का संरक्षण प्राथमिकता में रहेगा।
कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
रघुराज स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रतिमा अनावरण के साथ ही पारंपरिक नृत्य, गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशिष्ट बना दिया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आम जनता से संवाद करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं का संकेत भी दिया।
स्थानीय लोगों में खुशी
लाल खदान ओवरब्रिज का नाम बदलकर शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखे जाने की घोषणा से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग इसे छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के सम्मान को बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं।





