
छग /धमतरी
मानसून और गुणवत्ता की मार से चूर-चूर हो चुकी धमतरी की सड़कें अब सुधार की पटरी पर हैं! कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने युद्ध स्तर पर मरम्मत शुरू कर दी है। जिले भर की सड़कों को 31 दिसंबर तक चमकाने का महायोजना है, लेकिन क्या यह स्थायी समाधान बनेगा? या फिर अगले मानसून में वही पुरानी कहानी? राज्य गुणवत्ता नियंत्रण सेल की रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में 214 सड़कें ही खराब हैं, जिनमें धमतरी का नाम प्रमुख है – रायपुर, कांकेर और राजनांदगांव के साथ!

शहर की मुख्य धमनियां चमकेंगी
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार नेताम ने बताया कि स्टेट हाईवे-23 से मुजगहन मार्ग और सिहावा चौक से कोलियरी मार्ग तक बीटी पेच रिपेयर का कार्य जोरों पर है। मेसर्स मित्तल कंस्ट्रक्शन, जे.पी. बिल्डर्स और योगेश सोनी कंस्ट्रक्शन की टीमों ने ₹6 करोड़ की लागत से जुट गई हैं। कलेक्टर मिश्रा की समय-सीमा बैठक में साफ हिदायत थी: “मानसून खत्म होते ही सभी क्षतिग्रस्त सड़कें, पुल-पुलियां तुरंत दुरुस्त!” 10 कार्यादेश जारी हो चुके, फंड स्वीकृत। एसडीओ मुरलीधर पैकरा, उप अभियंता हेशवंत बघेल और शिवकुमार को गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी के आदेश।
महापौर का दबाव, मीडिया का योगदान
नगर निगम के महापौर रामू रोहरा (बीजेपी) ने शहर के मुख्य मार्गों पर त्वरित कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था। फरवरी 2025 में 34,085 वोटों से जीते रोहरा ने कहा, “नागरिकों की परेशानी बर्दाश्त नहीं!” की सख्त हिदायत दी थी,
वहीं इस जनसमस्याओं से जुड़े गंभीर मुद्दे को हिंद मीडिया न्यूज़ की टीम ने लगातार प्रशासन और निगम को आईना दिखाने का लगातार कैंपेन की ! राज्योत्सव की रौनक के बीच गड्ढों की बदहाली पर प्रमुखता से उठाए मुद्दे – “थूक पॉलिश” वाली सड़कों पर नेताओं-अफसरों की गाड़ियां हिचकोले खातीं तो जागते?” अब पीडब्ल्यूडी ने महापौर के निर्देश पर ही रफ्तार पकड़ी है।
यह कदम धमतरी के 27 साल पुराने जिले को नई सांस देगा, लेकिन सतर्कता जरूरी।
हिंद मीडिया जारी रखेगा नजर!
चुनेश साहू 7049466638
राज्योत्सव पर यह समाचार को प्रकाशित किया था।
राज्योत्सव की धूम में निगम की थूक पॉलिश की सड़कें: 27 साल की उम्र, नाबालिग विकास!
25 साल राज्य, 27 साल जिला – कितने और साल इंतजार?
जनता की पुकार “सुधार करो, वरना धमतरी की ‘उम्र’ बेकार!”
विकास विकास और सिर्फ़ विकास के दावों में धमतरी को मिला सिर्फ गढ्ढे, गढ्ढे और सिर्फ बड़े गढ्ढे….
धमतरी, 1 नवंबर 2025:
छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस की धूम में डूबा धमतरी जिला एक मिशाल पेश कर रहा है – जहां एक तरफ एकलव्य खेल मैदान पर पंडाल, स्टेज और स्टॉल सज रहे हैं, वहीं जिला राज्योत्सव स्थल पहुंचने वाली सड़कें गड्ढों के समंदर में तब्दील हो चुकी हैं! आज से शुरू हो रहे 2 नवंबर के मेगा इवेंट में नेता-अफसरों की बेड़ा तलब आएगा, लेकिन क्या उनकी लग्जरी गाड़ियां इन *थूक पॉलिश’ सड़कों पर हिचकोले नहीं खाएंगी? जनता तो वर्षों से *गड्ढा यात्रा’* कर रही है!
27 साल vs नाबालिग विकास: 6 जुलाई 1998 को रायपुर से कटकर स्वतंत्र जिला बने धमतरी को 27 बरस पूरे हो चुके। महानदी की गोद में बसी यह *’धर्म नगरी’* ऐतिहासिक रूप से समृद्ध रही – बड़े-बड़े नेताओं और क्रांतिकारियों की जन्मभूमि! लेकिन आज? विकास के नाम पर शिशु अवस्था जहां अन्य शहर इतने वर्षों में सालों में विकास की मजबूत नीव,खड़े कर चुके, वहीं धमतरी की सड़कें मानसून के एक झोंके में चूरन हो जाती हैं। 
नगर निगम की ‘थूक पॉलिश’पर्याप्त? या यह राजनीतिक उपेक्षा का नंगा नाच?
राज्य 25 साल का हो रहा, धमतरी जिल 27 का – लेकिन विकास में अतिपिछड़ा , इंफ्रास्ट्रक्चर में पाषाण युग! पड़ोसी महासमुंद में हाईवे चमक रहे, रायपुर स्मार्ट सिटी बन गया, लेकिन धमतरी? गड्ढों का ‘वर्ल्ड कप’! राज्योत्सव में मुख्यमंत्री-मंत्री आएंगे, हेलीकॉप्टर लैंडिंग होगी, लेकिन 5 किमी की सड़क पार करना जंग साबित होगा। जनता चिल्ला रही: “नेताओं की गाड़ियां भी फंसेंगी तो जागेंगे?”
यह सिर्फ सड़कें नहीं, सिस्टम की सड़न है! जन्मभूमि होने के बावजूद नेता वोट लेने आते हैं,विकास भूल जाते। निगम की लापरवाही ,25 साल राज्य, 27 साल जिला – कितने और साल इंतजार? राज्योत्सव की रौनक दो दिन टिकेगी, लेकिन गड्ढे स्थायी…?.?.
जनता की पुकार “सुधार करो, वरना धमतरी की ‘उम्र’ बेकार!” अब देखना दिलचस्प – राज्योत्सव के दो दिन में जादू होगा या थूक पॉलिश ही चलेगी? धमतरी जागे, वरना इतिहास शर्मिंदा!
यही धमतरी जिला की विकास
विकास
और सिर्फ विकास की कहानी





