
नशे की लत, अपराध की रात ,धमतरी में अपराध का बढ़ता ग्राफ: नशे की आंधी और चाकूबाजी का काला साया
नशे का कारोबार तो धमतरी की नसों में घुल चुका है
धमतरी (छत्तीसगढ़), : कभी हरे-भरे खेतों और शांत नदियों का , शांतिप्रिय शहर धमतरी आज अपराध और नशे की भेंट चढ़ रहा है। सड़कों पर चाकूबाजी की वारदातें, लूटपाट की घटनाएं और नशीले पदार्थों का खुला कारोबार इस शहर की शांति को चीर रहा है। 2025 में अपराध का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है—अगस्त में ढाबा पर तीन युवकों की चाकूबाजी से हत्या हो गई, जबकि सितंबर-अक्टूबर में नशा तस्करी के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं,। क्या यह शहर की चुप्पी और प्रशासन की सुस्ती का नतीजा है? अब समय है जागने का, वरना नशा और अपराध महंगा पड़ेगा!
धमतरी का अपराध ग्राफ 2025 में डराने वाला है। जनवरी से अक्टूबर तक पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, चाकूबाजी और हिंसक अपराधों में 35% की वृद्धि हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में अन्नपूर्णा ढाबे पर नशे के आदि युवकों ने रायपुर के तीन युवकों की चाकू मारकर हत्या कर दी। मामूली विवाद से शुरू हुई यह घटना आठ आरोपियों की गिरफ्तारी तक पहुंची, जिनमें तीन नाबालिग थे। एसपी सूरज सिंह परिहार ने आरोपी की परेड निकालकर शहरवासियों को आश्वासन दिया, लेकिन सवाल वही है—क्यों ऐसी वारदातें रुक नहीं रही? इसी महीने, भखारा रोड पर दो झपटमारी की घटनाओं का खुलासा हुआ, जहां मोबाइल लूटने वाले बदमाशों को पकड़ा गया।
नशे का कारोबार तो धमतरी की नसों में घुल चुका है। रायपुर से हेरोइन, गांजा, चिट्टा और MDMA की तस्करी शहर तक हो रही है। सितंबर में पुलिस ने 91 ठिकानों पर ‘ऑपरेशन निश्चय 2.0’ चलाया, जिसमें चार सूखे नशे के सौदागर, तीन शराब तस्कर और दो चाकूबाज गिरफ्तार हुए। अक्टूबर में 92 जगहों पर छापेमारी से 12 तस्कर पकड़े गए, लाखों की गांजा-हेरोइन जब्त हुई। मई-जुलाई में नारकोटिक्स अभियान से 28 से ज्यादा तस्कर धराए, लेकिन सप्लाई रुकने का नाम नहीं ले रही। चौक-चौराहों पर युवा पीढ़ी नशे की चपेट में है—स्कूलों के आसपास चिट्टे का ‘प्रसाद’ बंट रहा है। मार्च में एक गांव में बदमाश की भीड़ हत्या हो गई, जो लंबे समय से उत्पात मचा रहा था।433211 यह घटना पुलिस की नाकामी का आईना है, जहां लोग कानून हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं।
कारण साफ हैं: बेरोजगारी, सामाजिक अलगाव और नशे का जाल।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य अपराध का गढ़ बन गया है, धमतरी में ठोस कार्रवाई की कमी है। सितंबर में अवैध महुआ शराब के 20 लीटर जप्त हुए।
चाकूबाजी अब भाटापारा से धमतरी तक फैल चुकी है, जहां नशे के नशे में युवा हिंसा पर उतर आते हैं। पुलिस की छापेमारी नाकाफी साबित हो रही—दो तस्कर पकड़े जाने के बाद भी सप्लाई चालू है।
फिर भी, उम्मीद की किरणें हैं। धमतरी पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान तेज किया—स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, नमो मैराथन दौड़ और साइबर सुरक्षा रथ। सितंबर को बगदेही स्कूल में छात्रों को नशा-मुक्ति और महिला सुरक्षा की जानकारी दी गई। नवरात्रि पर 108 गुम मोबाइल लौटाए गए, हेल्मेट बांटे गए। क्राइम हॉटस्पॉट पर सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव भेजा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बालिका सुरक्षा माह में पॉक्सो, बाल विवाह और नशा पर जागरूकता फैलाई।
लेकिन ये प्रयास काफी नहीं। समाज की चुप्पी अपराधियों को हौसला दे रही है। धमतरीवासियों, अब आवाज उठाओ! हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करो, पुलिस को सहयोग दो। प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे—नशा सौदागरों पर नकेल, चाकूबाजी पर जीरो टॉलरेंस।

इस शहर को ये हुआ क्या, कहीं चाकूबाजी तो कहीं लूट…
कहीं बातचीत में बदमाशों की फौज, तो कहीं बेरहम हत्या की साजिश…
कहीं चौक-चौराहों में गांजा-शराब का दौर, तो कहीं मंदिरों के आसपास चिट्टा का ‘प्रसाद’…
क्यों कोई कुछ नहीं बोलता? क्यों धमतरी चुपचाप ये अंजाम सहता?
अब बहुत हुआ! क्या अब पड़ेगी चाकूबाजी महंगी?
नशे की लत, अपराध की रात—अब नहीं चलेगी ये कहानी!

चुनेश साहू 7049466638





