

कोरबा /कटघोरा:-सड़क पर चलिए तो संभल कर चलिए! क्योंकि अब यहाँ ट्रैफिक पुलिस नहीं, गाय-बैल ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं!
बरसात आते ही कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों पर मवेशियों का कब्ज़ा कुछ ऐसा हो गया है कि अब वाहन चालक जानवरों से रास्ता मांगते नज़र आ रहे हैं। चौक-चौराहों पर गायें बैठक जमाए बैठी हैं, और बैल अपने सिंगों से ‘नो एंट्री’ का इशारा कर रहे हैं।
हर सड़क बना ‘गौशाला’, और हर गली बना ‘बैलों का डेरा’!
कटघोरा के सभी जगहों पर मवेशियों की अघोषित सरकार चल रही है। इन जानवरों का सड़क पर विचरण अब आम बात हो गई है। खासकर रात के समय, सड़कों पर पसरे मवेशियों को देख लगता है मानो “रात की शांति समिति” की मीटिंग चल रही हो।
दोपहिया वालों की शामत, बच्चों और बुज़ुर्गों को खतरा
बड़ी गाड़ी से लेकर,तेज़ रफ्तार बाइक और स्कूटी वाले हर मोड़ पर ब्रेक मारते-मारते थक चुके हैं। कई बार तो अचानक सामने आ गए मवेशी दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। स्कूली बच्चे और बुज़ुर्ग मवेशियों को पार करके अपने गंतव्य तक पहुँचने को मजबूर हैं।
प्रशासन बना तमाशबीन, जिम्मेदार कौन?
नगर पालिका प्रशासन, जिसे इन बेसहारा मवेशियों की देखरेख के लिए गौशालाओं का संचालन करना चाहिए, फिलहाल ‘नींद की गोली’ खाकर सोया हुआ नजर आ रहा है। ना कोई पकड़-धकड़ की व्यवस्था, ना कोई स्थायी समाधान — सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन की नींद खुलती है या फिर अगली बार सड़कों पर हम सभी को ‘पशु संकेत’ पढ़कर चलना होगा!





