

कोरबा/पोंडी उपरोड़ा:-ग्राम पंचायत मल्दा (जनपद पोंडी उपरोड़ा) में पदस्थ सचिव बबीता शर्मा के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जनपद स्तर पर जांच व स्थानांतरण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव बीते 9 वर्षों से लगातार एक ही पंचायत में पदस्थ हैं, जो प्रशासनिक नियमों के सीधे उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
ग्रामीणों ने शिकायत में कहा है कि सचिव बबीता शर्मा ने विभिन्न योजनाओं में अपात्र हितग्राहियों को लाभ दिया है, वहीं वास्तविक जरूरतमंदों को योजनाओं से वंचित रखा गया। विकास कार्यों में गबन, फर्जी बिलिंग और वित्तीय अनियमितताएं आम हो चुकी हैं।
दो ग्रामों का एक साथ प्रभार, पारदर्शिता नदारद….
सचिव वर्तमान में दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों का प्रभार संभाल रही हैं, जिससे कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पंचायत कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और आम जनता से जुड़े कार्यों में निरंतर विलंब हो रहा है।
लाखों की विकास राशि का हुआ मनमाना उपयोग….
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बीते वर्ष पंचायत को जो लाखों रुपए की विकास निधि प्राप्त हुई थी, उसका उपयोग भ्रामक और मनमानी ढंग से किया गया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों में भी इन गड़बड़ियों की झलक साफ देखी जा सकती है।
ग्रामीणों की मांग: तत्काल जांच और स्थानांतरण….
इस मामले में ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा को लिखित शिकायत सौंपते हुए सचिव की दीर्घकालिक पदस्थापना को समाप्त कर तत्काल जांच और स्थानांतरण की मांग की है।
7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा तहसील कार्यालय का घेराव…!
ग्रामीणों ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगर इस अवधि में सचिव बबिता शर्मा के खिलाफ कोई ठोस जांच या स्थानांतरण की कार्रवाई नहीं होती, तो वे संगठित होकर तहसील कार्यालय का घेराव करेंगे।





