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*धमतरी मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम… मंडी में चल रहा अड़तियाराज….* *किसानों से ज्यादा व्यापारियों का माल जाम.. किसान परेशान…*

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  1. धमतरी,। कृषि उपज मंडी श्यामतराई में इन दिनों रबी फसल की कटाई के बाद धान की बंपर आवक हो रही है। प्रतिदिन यहां चार से पांच हजार कट्टा धान पहुंच रहा है। धान की उपज की सही कीमत नहीं मिलने से किसान निराश हैं। किसानों का कहना है कि मंडी में धान का रेट निश्चित रहना चाहिए। रबी फसल की कटाई जैसे-जैसे तेजी के साथ हो रही है, उसी के हिसाब से मंडी में भी धान की आवक भी बढ़ रही है। इन दिनों मंडी में चार से पांच हजार कट्टा तक धान पहुंच रहा है। मंडी में पहुंचने वाला धान धमतरी जिले के अलावा समीपवर्ती जिला बालोद के गांव का भी है।

*मंडी परिसर में धान जाम… मंडी में अड़तियाराज…*

आपको बताते चलें कि मंडी परिसर में धान स्टॉक जाम होने से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, मंडी परिसर में धान जाम होने से किसान खुले आसमान के नीचे धान रखने में मजबूर हैं… वहीं अड़तिया द्वारा नमी बताने से किसान खुले में धान सूखा रहे हैं तो दूसरी ओर बेमौसम बरसात के कारण काफ़ी नुकसान उठाना पड़ रहा है है… इसके दूसरी ओर मंडी में किसानों से ज्यादा व्यापारियों का माल रखा हुआ है जिसपर मंडी प्रशासन बेख़रब नज़र आ रहे है जबकि मंडी में धान जाम होने से किसान सीधे मिलों से सौदा कर व्यापारियों को बेचने मजबूर है… किसानों ने कहा कि मंडी प्रशासन अड़तिया को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से आंख कान मूंद लिए है।

इसके अलावा मंडी परिसर में मूत्रालय/शौचालय की उचित न होने से खुले में प्रसाधन कर रहें है.. मंडी प्रांगण में अव्यवस्थाओं का आलम है….

। मंडी में आई आर 64, एचएमटी धान, सरोना के साथ-साथ धान की अन्य किस्म भी आ रही है। धान से मंडी के शेड भरे हुए हैं। मंडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंडी में आईआर 64 धान की कीमत 1850 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 1901 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी तरह से, सांभा धान 2280 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल, गोल्डन सांभा 2250 रुपये प्रति क्विंटल, ओमश्री 2300 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 2451 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है। आने वाले दिनों में धान की आवक बढ़ेगी।

किसानों ने बताया कि उन्हें मंडी में धान की उपज का सही भाव नहीं मिल रहा है। धान में जरा सी भी नमी नहीं मिल रही है, तो उसी का बहाना लेकर धान का रेट भी कम कर दिया जा रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि धान की उत्पादन लागत काफी बढ़ चुकी है, समय पर पेमेंट नहीं होने के कारण कई बार कोचियों के पास भी धान बेंचना पड़ता है, क्योंकि भुगतान तुरंत हो जाता है। भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल
बनाया जाना चाहिए। नहीं मिल रहा धान का सही रेट : कृषि उपज मंडी के एक कर्मचारी ने बताया कि कृषि उपज मंडी में जो धान पहुंच रहा है, वह पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। सीधे हार्वेस्टर, थ्रेशर मशीन से धान की सफाई कर मंडी में धान लाया जा रहा है। इसके चलते धान में नमी की मात्रा बनी हुई है। इसी तरह धान के साथ मिट्टी भी पहुंच रहा है। पहले परंपरागत तरीके से ब्यारा में धान को पहुंचा कर इसकी सफाई की जाती थी । उड़ावनी पंखे से धान की सफाई होती थी। इससे सही क्वालिटी का धान अलग हो जाता था। आजकल ऐसा न कर किसान खेत में ही हार्वेस्टर मशीन से फसल की कटाई कर करवाते हैं, और धान भरकर मंडी तक पहुंचा देते हैं। धान की क्वालिटी सही ना होने के कारण किसानों को उपज का सही भाव नहीं मिल पा रहा है।

चुनेश साहू 7049466638

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