hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़देश-विदेशधर्मब्रेकिंग न्यूज़शिक्षा

पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जीवन से प्रेरणा लेकर कार्य करें – शिक्षक शिवकुमार बंजारे

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

कवर्धा- पुण्यश्लोक लोकमाता, नारीरत्न, महानशिवभक, वीरांगना महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 जन्म शताब्दी के अवसर पर पण्डरिया में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में खंड संयोजक शिवकुमार बंजारे ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर कार्य करना चाहिए, उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन नारी सशक्तिकरण, त्याग और दृढ़संकल्प का प्रतीक है उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य और प्रशासनिक कुशलता आज के समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है, हमें उनके आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। वे मराठा साम्राज्य की प्रमुख शासिका थीं, जिन्होंने 1767 से 1795 तक मालवा क्षेत्र पर शासन किया। उनका जन्म महाराष्ट्र के चौंड़ी गांव में 31मई 1725 को सामान्य किसान (गड़रिया) परिवार हुआ था। अहिल्याबाई ने अपने पराक्रम और निष्ठा के बल पर समाज और राज्य की उन्नति में अहम योगदान दिया। उन्हें “पुण्यश्लोक लोकमाता” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वे अपने जनसेवा और सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध थीं।

# जीवन की प्रमुख घटनाएँ: अहिल्याबाई का विवाह खांडेराव होल्कर से हुआ था, जो इंदौर के शासक मल्हारराव होल्कर के पुत्र थे। खांडेराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने अपने ससुर की सहमति से राज्य का शासन संभाला।

शासनकाल में अहिल्याबाई ने न्यायप्रिय, कुशल और धर्मनिष्ठ शासिका के रूप में मालवा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए। उन्होंने कृषि, व्यापार, और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया। उनके कार्यों की प्रशंसा अंग्रेज भी करते थे। उन्होंने कई धार्मिक स्थलों का निर्माण करवाया और काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, और रामेश्वरम सहित कई प्रसिद्ध मंदिरों की पुनर्स्थापना करवाई साथ ही 12 ज्योतिर्लिंगों को संरक्षित व संवर्धित कराई।

अहिल्याबाई ने समाज में नारी शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, और गरीबों की सहायता के लिए अनेक योजनाओं की शुरुआत की। वे समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए न्याय और विकास की पक्षधर थीं।

अहिल्याबाई होल्कर का शासनकाल मराठा साम्राज्य के सबसे शांतिपूर्ण और समृद्ध समयों में से एक था। उनकी मृत्यु 1795 में हुई, और उनकी स्मृति आज भी जनमानस में जीवंत है।

संबंधित पोस्ट

पंडरिया थाना प्रभारी का सराहनीय  अभिनव पहल, ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान।

hindmedianews

*अरौद-लीलर के गौठान निरीक्षण में पहुंचे पूर्व जनपद अध्यक्ष पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष ऋषभ देवांगन*

Chunesh Sahu

बिजली हाफ योजना में कटौती के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन* *कांग्रेसियो ने साय सरकार का पुतला दहन कर घेरा बिजली दफ्तर*

Chunesh Sahu

मुख्यमंत्री भेंट मुलाकात की कबीरधाम जिले में पूरी हुई 18 घोषणाएं

hindmedianews

लेडी सिंघम डीसीपी नीतू कादयान जी को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मोमेंटो,बुके व अंगवस्त्र देकर किए सम्मानित

Sakshi Bansod

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने जनपद पंचायत की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश :विकास कार्यों में लाएं तेजी, हो गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन

hindmedianews