कबीरधाम/कुंडा : भारत सरकार की सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा उदयपुर राजस्थान में आयोजित सीसीआरटी की कार्यशाला के लिए भरत कुमार डोरे का चयन हुआ है। बता दें कि उक्त कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से 10 शिक्षको का चयन हुआ है। जिसमें कबीरधाम जिला अंर्तगत विकासखंड पंडरिया के शासकीय प्राथमिक शाला गुंझेटा से भरत कुमार डोरे सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उदयपुर हाइटेक सिटी में सांस्कृतिक स्तोत्र एवं प्रशिक्षण संस्था सीसीआरटी में आयोजित राष्ट्रीय स्तर का कार्यशाला 3 अक्टूबर 2023 से 17 अक्टूबर 2023 तक चलेगा। “एनईपी 2020 के अनुरूप शिक्षा में कठपुतली की भूमिका” पर कार्यशाला शिक्षकों को कठपुतली के क्षेत्रीय पारंपरिक रूपों से परिचित कराने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है। प्रतिभागियों को देश में कठपुतली थिएटर की विभिन्न शैलियों से परिचित कराने के लिए भारत के पारंपरिक कठपुतली रंगमंच पर व्याख्यान-प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं। प्रतिभागियों को उंगली की कठपुतलियाँ, मुखौटे और पेपर रॉड कठपुतलियाँ जैसी सरल कागज की कठपुतलियाँ बनाना और उनमें हेरफेर करना सिखाया जाता है। शैक्षिक अवधारणाओं को व्यक्त करने और कक्षा में सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सामग्री। प्रत्येक व्यावहारिक सत्र के बाद इन सभी कठपुतलियों का हेरफेर सिखाया जाता है। शिक्षक शैक्षिक कठपुतली बनाना सीखते है। प्रशिक्षण में देश के विषय विशेषज्ञों द्वारा नई – नई जानकारीयां प्रदान की जायेगी। राष्ट्रीय स्तर के मंच पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के विस्तृत परिचय में भरत डोरे छत्तीसगढ़ के खाजुरहो कहे जाने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भोरमदेव मंदिर के बारे में बखान करेंगे। राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला में भरत डोरे का चयन होने पर जिले के शिक्षको और विद्यालय के बच्चों ने हर्ष है। साथ ही बधाई और शुभकामनाएं दे रहे है।