
छत्तीसगढ/धमतरी
छत्तीसगढ का धमतरी जिला जिसे धर्म की नगरी कहा जाता हैं अब आनलाइन सट्टा के अवैध करोबार के नाम से पहचान बनाने लगी है….।
और धमतरी जिला को आनलाइन सट्टा जिला बनाने में जिले के कई बड़े व्यापारी और कई बड़े पद पर कार्यरत पक्ष और विपक्षी नेताओं का अहम योगदान है।
अपको बता दें कि जिला में लगातार आनलाइन सट्टा की शिकायतें और सूचना मिलने पर भी पुलिस प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही हैं जिससे यह स्पष्ट है कि इन अवैध सट्टा कारोबारियों को प्रशासन का मौन समर्थन प्राप्त है जिसमें अभी तक कार्यवाही नहीं हुई है।
प्राप्त स्त्रोत ऑडियो रिकॉर्डिंग मुताबिक इस अवैध धंधे में संलिप्त कारोबारी और किराए पर लिए बैंक खाता धारक के बीच बात का काल रिकॉर्डिंग में यह की कैसे मामले के सेटलमेंट के लिए बंटी( कथित नाम) द्वारा ढाई लाख रुपए में मामला वापस लेने दबाव बनाया जा रहा है।
किराए से लिए गए खाता धारक के साथ सट्टा कारोबारी के हुए लेनदेन
स्त्रोत अनुसार केंद्रीय नेतृत्व वाली सरकार के नुमाइंदे जिनके कांधे मोर्चा संभालने का जिम्मा है जो सट्टा किंग के नाम से मशहूर है साथ ही राज्य सरकार के नेता जो राजनीतिक आड़ में अपनी अवैध रोटी सेंकते है इनके गुर्गों का नाम शमिल है साथ ही ममला रफा दफा करने एक ज्वेलर्स जो रायपुर से संबधित है का भी नाम उभर कर सामने आ रहा है।
अवैध आनलाइन सट्टा के खेल में पक्ष और विपक्ष के दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं
आपको बता दें कि मामले में शिकायत करने से युवक को तीन से चार बार जान से मारने की कोशिशें हो चुकीं हैं,
जहां एक ओर सट्टे के चंगुल में फंस कर लोग बर्बाद हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सट्टे चलाने वाले सरगना अपना पैसा जमीन, मोबाइल दुकान एवं होटल में इन्वेस्ट कर फल फूल रहे हैं ,ये बड़ी विडंबना हैं।

मुख्यमंत्री से आनलाईन सट्टा के खिलाफ़ कार्यवाही हेतु शिक़ायत
देखना होगा आला जि़म्मेदार अधिकारी सूबे के मुखिया जो सट्टा जुआं जैसे अवैध कृत्यों पर अंकुश लगाने बयानबाजी करते हैं लेकिन जमीनी में इन्ही के नेता अपने शीर्ष नेताओं की आड़ में आधिकारियों को खरीदफरोख्त कर अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं….. तो यह देखना दिलचस्प होगा की मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते हैं या यूं ही सिर्फ़ ट्वीट समझ कर नजर अंदाज कर रसूखदारों को संरक्षण देने का काम करते हैं ।
चुनेश साहू 7049466638





