hindmedianews
Breaking News
अन्यछत्तीसगढ़देश-विदेशधर्मब्रेकिंग न्यूज़शिक्षा

पत्रकारों में बजट से निराशा,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से खफा रह गए छत्तीसगढ़ के पत्रकार 

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow
@पत्रकार ~अजय जांगड़े@
छत्तीसगढ़ : देश में अपनी सेवा दे रहे हैं जवानों से कम नहीं पत्रकार सिर पर हर पल कफन बंधी हुई है जो समाज हित और लोक हित में सतर्कता के रूप में अपनी भूमिका जिम्मेदार हैं। किस अनुपात में बोनस पाने वाले ऋण के लिए दिए गए ऋण पर बकाया के पात्र बन जाते हैं।
पत्रकार की भूमिका को उनके कार्यों को नहीं समझ सकते मंत्री जी
पत्रकार जो अपने आप में एक स्वाभिमान है जो भाग रहा है एक खबर का संकलन कर जन सरोकार के लिए दिन रात मेहनत कर एक कर देने वाले हैं लेकिन भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार तो है लेकिन उसे भ्रष्टाचारियों द्वारा दफन करने की कोशिश मानसा सदियों जा रहे हैं। लगातार पत्रकार के ऊपर एक घटना घटित होने के बाद राज्य सरकार और केंद्र की भी सरकार पत्रकार हित कानून लागू करने में नाकाम हैं।
 अफसोस पत्रकार को किसी भी प्रकार की कोई उपलब्धि नहीं हुई फिर भी बना है चौथा स्तंभ समाज को अच्छा बुरा , सही गलत का अपना लेखन और चलित सूचना तंत्र के माध्यम से रूबरू पहल वहीं सरकार की सभी योजना, घोषणा और अन्य संदेश को आम जनता तक पहुंचाती है फिर भी सरकार को यह एहसास हो सकता है कि पत्रकार सुरक्षा अधिनियम पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू कर सकते हैं या पत्रकारिता दायित्वों को दायर कर सकते हैं या जगत में एक प्रमुखता प्रदान कर सकते हैं। 
मुख्य मंत्री जी पंडरिया विधायक चंद्राकर के घर शादी में सरफ जरूर हो सकते हैं लेकिन कवर्धा में ही किसी पत्रकार की निर्मम हत्या होने पर उनके परिवार जनों की सहानुभूति तक नहीं देने जा सकता।
कवर्धा में हुई घटना की बात की जा रही है जहां पत्रकार विवेक चौबे की निर्मम हत्या कर देते हैं महीनों बाद उसका कंकाल बरामदा होने पर उसकी पुष्टि होती है, हालांकि भारतीय कानून की आईपीसी और सीआरपीसी के फैसले के तहत सजा को या दोष मुक्त होना अंगदेशा है लेकिन अब भ्रष्ट नेता ,व्यापारी और अधिकारियों का हौसला बुलंद होते आ रहा है जिससे कांग्रेस सरकार की बेरोजगारी बघेल के बजट में पापराजी के हित में कानून लागू करने की उम्मीद की गई थी जो कि उम्मीद पर पानी फिर जाने से छत्तीसगढ़ के पापाचार में एक रोष और निराशा देखने को मिल रही है।
आदरणीय अर्जुन तिवारी अपनी पुस्तक “सम्पूर्ण पत्रकारिता” में लिखते हैं आज या कल की नहीं है ये देव लोग दुनिया के समय से चलते आ रहे हैं जो इस भूमिका को महर्षि नारद मुनि बखूबी का कार्य करते थे। जो शास्त्रों के अनुसार दशो दिशाओं में घूमकर संदेश लेकर आने का काम करते थे, लेकिन उस समय संदेश वाहक व्यास का कार्य करने वाले राक्षसों से नुकसान नहीं होता था, लेकिन आज का युग ऐसा नहीं रहा।
स्कूल कॉलेज भी बंद होने की आशंका 
पत्रकारिता जगत में अपना करियर बनाने वाले सैकड़ों छात्र – छात्राओं ने पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी शिक्षा ग्रहण की है वहीं पत्रकार सुरक्षा कानून न होने से मीडिया की पढ़ाई करने वाले छात्रों में इस क्षेत्र में रुचि नहीं लेने का अंदेशा है क्योंकि जहां सुरक्षा नहीं वहां शिक्षा का महत्व है ही  नहीं आने वाले समय में पत्रकारिता संस्थान बंद होने के दंगल में भी जाने की आशंका जबकि पत्रकारिता का पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले छात्रों को किसी अन्य क्षेत्र में करियर बनाना कठिन होता है वहीं श्रमिक जीवित पत्रकार को किसी भी प्रकार की कोई मानदेय और सुरक्षा का प्रावधान नहीं।
शासक को नहीं रहा अपने दूतों का खयाल, दृष्टिकोण में संचार जगत, संचारी पत्रकार राह से हटने को मजबूर।

संबंधित पोस्ट

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर कवर्धा में लगा कैंसर जांच शिविर

Sakshi Bansod

सरकार की नाकामी नजर आई हुआ चंदा का मांग – रवि मानिकपुरी

hindmedianews

*निजी अस्पताल के बाद अब सरकारी अस्पताल की लापरवाही आई सामने….* जि़म्मेदार अधिकारी की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल….???.?

Chunesh Sahu

धमतरी में सनसनीखेज तिहरा हत्याकांड, 8 आरोपी गिरफ्तार : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है

Chunesh Sahu

*बालोद: जिले के पलारी नगर पंचायत में संपन्न हुए चुनाव के परिणामों में कांग्रेस ने अध्यक्ष पद सहित नगर पंचायत के 15 वार्डों में से 10 वार्डों में जीत दर्ज कर भाजपा को करारी शिकस्त दी है।*

Chunesh Sahu

*गुंडरदेही क्रिकेट लीग (GCL) का भव्य ऑक्शन संपन्न: 27 जनवरी से मैदान में भिड़ेंगी 10 टीमें*

Chunesh Sahu