
संवाददाता ~अजय जांगड़े BAJMC
पंडरिया : खंड चिकित्सा आधिकारी के ऊपर लगाया जाने वाला आरोप निराधार साबित हो रहा है। लगातार अखबार व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से यह खबर पढ़ने व सुनने को मिल रहा है इस बात की पुष्टि के लिए हमारी टीम हिन्द मीडिया न्यूज़ के द्वारा पंडरिया स्थित खण्ड चिकित्सालय परिसर पहुंच कर जानकारी लिया गया जिस यह जानकारी मिली कि खण्ड चिकित्सा आधिकारी के लगाया गया आरोप निराधार है जबकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अधिनियम व भर्ती प्रक्रिया की अधिनस्थ किया गया कार्य।
दैनिक तथा सविंदा में कोई अंतर नहीं
दैनिक कर्मचारी या संविदा कर्मचारी मे एक अधिकारी के लिए यह माप दंड या तुलनात्मक अध्ययन कर पाना मुनासिब नहीं हो सकता कि कौन क्या है अधिकारी के नजर में दोनों समान है क्योंकि अपनी अपनी पद का गरिमा दोनों के लिए एक है। अधिकारी के अधिनस्थ दोनों कर्मचारी कार्य करते हैं जिससे यह नहीं माना जा सकता की किसी के साथ सौतेला जैसा व्यवहार किया जा सकता।
लक्ष्मी साहू फॉर्मशिस्ट को क्यों नहीं मिला शासकीय आवास का लाभ
लक्ष्मी साहू फॉर्मशिस्ट को खण्ड चिकित्सालय परिसर समीपस्थ स्थित आवास में रहने के लिए मकान न मिल पाने कारण यह है कि लक्ष्मी साहू का निवास स्थान से चिकित्सालय महज तीन किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। जिससे लक्ष्मी साहू स्थानीय होने के कारण शासकीय आवास का लाभ लेने में और खण्ड चिकित्सा आधिकारी प्रदान करने में सक्षम नहीं है जिससे लक्ष्मी साहू फार्मशिस्ट को शासकीय आवास का लाभ नही हो सकता। वही इस बात का भी जानना अतिआवश्यक है कि फॉर्मशिस्ट का ड्यूटी अन्य स्टाफ नर्स के समय से ज्यादा रहता जिसे आपात काल में भी इलाज कराने के लिए बुलाया जा सकता जबकि फॉर्मशिष्ट के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है।
क्या है मामला कारण बताओ नोटिस का
लक्ष्मी साहू जो की पंडरिया स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक फॉर्मशिस्ट कर्मचारी के पद पर है जिनके द्वारा जाने अनजाने में कार्यालयीन शासकीय दस्तावेज को सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर किया गया था जो शासकीय गुप्त बात अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही करने योग्य होने के कारण शासकीय दस्तावेज को बिना अनुमति प्रचार प्रसार किए जाने पर लक्ष्मी साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
एक लिखित आवेदन में लक्ष्मी साहू के द्वारा अपने बयान में कहा गया है कि उनके द्वारा बगैर अनुमति शासकीय दस्तावेज को शेयर किया गया था जो शासकीय गुप्त बात अधिनियम की अवहेलना करता है किसी भी आम जन या पत्रकार को दी गई जानकारी जायज नहीं तथा उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की।
दामापुर में भर्ती प्रक्रिया व भर्ती को लेकर लोगों में भ्रम
दामापुर स्थित शासकीय प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र में ऑपरेटर की भर्ती को लेकर लोगों में यह भ्रम है कि कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती किए जाने पर यह सवाल उठ रहा है कि यह पद नियमित या दैनिक वेतमान पद धारित पद है जबकि यह कंप्यूटर ऑपरेटर पद में एक मुश्त मानदेय देने का प्रावधान है।
खंड चिकित्सा आधिकारी डॉक्टर स्वप्निल तिवारी की कार्य कुशलता व कार्यकरने की नीति रीती को शक या संदेह पर लाया जाना मुनासिब नहीं है खण्ड चिकित्सालय केंद्र में निर्धारित स्टॉफ न हो पाने की स्तिथि में भी बहुत ही अच्छा कार्य व्यवस्था देखने को मिल रहा है।
अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों व मातृत्व शाखा में जाकर जानकारी लिया गया जिस पर उन लोगों के द्वारा यह बताया गया कि जिस तरह यहां अस्पताल पर व्यवस्था है वैसी तो प्राइवेट अस्पतालों में भी नहीं रहती इस अस्पताल में हमे सभी प्रकार की सुविधाएं समय पर व मुफ्त प्रदान हो रही है।
कुपोषण के शिकार हुए बच्चों को लेकर भी उनके माताओं से जानकारी लिया गया जिस पर अस्पताल प्रबंधन का साधुवाद किया गया यह कहकर कि घर में भी ऐसी व्यव्स्था नहीं हो पाता जितना यहां पर प्राप्त हो रहा है।
50 बिस्तर मातृत्व व शिशु अस्पताल सच में सराहनीय योग्य
स्वच्छता तथा व्यवस्था सहित मरीजों की इलाज को लेकर खण्ड चिकित्सा आधिकारी डॉक्टर स्वप्निल तिवारी की कार्य मानवीय व्यवहार प्रशंसनीय ।







