hindmedianews
Breaking News
छत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़रोजगार

संगठन ने कहा कोरबा जिले की नौजवान भूविस्थापितों की रोजगार का व्यवस्था कर बढ़ती प्रदूषण को पहले करे रोकथाम।

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

साउथ ईस्टर्न कोल फ़ील्ड्स लिमिटेड की गेवरा ओपन कास्ट कोयला खदान परियोजना के क्षमता विस्तार 49 MTPA से 70 MTPA के प्रस्ताव का जताया भूविस्थापितों ने विरोध कर निरस्त करने की मांग ।

कोरबा/दीपका, गेवरा

आज ऊर्जाधनी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति गेवरा इकाई के द्वारा नराईबोध भठोरा गांव में बैठक आयोजित रखा गया जिसमें EAC कमेटी ( कोल माइनिंग )
केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा 2 सितंबर 2021 को साउथ ईस्टर्न कोल फ़ील्ड्स लिमिटेड की गेवरा ओपन कास्ट कोयला खदान परियोजना के क्षमता विस्तार के लिए 49 MTPA से 70 MTPA होने वाली बैठक में अपना आपत्ति दर्ज करने एवं प्रस्ताव को निरस्त करने का निर्णय लिया गया ।

कोरबा जिला पहले से ही प्रदूषण से ग्रसित है इसका मुख्य कारण खदानों से कोल ट्रांसपोर्टिंग तथा हैवी ब्लास्टिंग के होने वाली प्रदूषण से पूरा कोरबा जिला के लोगो के स्वस्थ पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है । यदि इनको परमिशन मिलता है तो प्रदूषण और बढ़ेगी, क्योंकि गेवरा प्रोजेक्ट के प्राभावित भूविस्थापितों की समस्या अभी भी बनी हुई है । चाहे वह मुआवजा रोजगार बसाहट एवं पुनर्वास की समस्या से अभी भी जूझ रहे हैं पहले इन सभी समस्याओं का निराकरण होना चाहिए ।

संगठन के गेवरा इकाई उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर एवं दीपक श्याम ने एसईसीएल गेवरा परियोजना को अभी कुछ माह पहले 49 MTPA का परमिशन मिला है जिसमें लगातार हैवी ब्लास्टिंग और कोल ट्रांसपोर्टिंग कर उत्पादन किया जा रहा है जिसके कारण लोगो के घरों में दरार, जानमाल की खतरा बनी हुई हैं, यह समस्या लगातार बनी हुई है उन्होंने कहा कि गेवरा परियोजना के कोल ट्रांसपोर्टिंग के वजह से भी लागतार प्रदूषण बढ़ रहा है यदि गेवरा प्रोजेक्ट को 49 से 70 MTPA बढ़ा के परमिशन मिल जाता है तो कोल ट्रांसपोर्टिंग के वजह से और प्रदूषण भयानक हो जाएगा ।

 खदानों का विस्तार की क्षमता को बढ़ाया जाता है तो इससे पहले कोरबा जिले के आम लोगों की विचार विमर्श के लिए जनसुनवाई को सुनिश्चित कर लोगो की समस्याओं को भी शामिल किया जाना चाहिए । जिससे आम लोगों को अपना समस्या बता सके, भूविस्थापीतो की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाने तक ऐसे परमिशन पर रोक लगाया जाना चाहिए ।प्रमुख रूप से शामिल गेवरा इकाई अध्यक्ष संतोष दास महंत ललित महिलांगे गजेंद्र सिंह ठाकुर जगदीश पटेल राजराम महंत हरनारायण यादव धूम दास प्रेम साय विष्णु अणरिया फुल दास मोहन लाल संतोष यादव दयानंद समारु दास सपत श्याम अनेक लोग उपस्थित थे ।

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ।

संबंधित पोस्ट

आत्महत्या के मामले को दबाने की फिराक में था ड्यूटी डाॅक्टर मायके पक्ष के लोग पहुंचे मायके तब पुलिस को हुई सुसाइड की जानकारी

Chunesh Sahu

2454 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई वहीं 3836 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए… देखिए कोरोना की मीडिया बुलेटिन….

Chunesh Sahu

भीषण गर्मी में राहत का सहारा बना पियाऊ घर प्रेस क्लब गंडई की पहल, राहगीरों को मिल रहा शुद्ध व ठंडा पेयजल

Sakshi Bansod

*हल्दी में राज्य स्तरीय खो-खो का रोमांच: पूर्व सांसद मोहन मंडावी और दिग्गजों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह*

Chunesh Sahu

*दिखावे की कार्यवाही कर वाहवाही लूटने में लगी खाद्य विभाग…* युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन… उग्र आंदोलन की चेतवानी..*

Chunesh Sahu

शिवकुमार बंजारे प्रधान पाठक “रचनाकार सम्मान” से हुए सम्मानित

hindmedianews