
कवर्धा/पंडरिया। जिले के विकासखंड पंडरिया अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक/प्राथमिक शाला रुखमीदादर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में नया मोड़ सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों और शिकायतों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने संबंधित प्रधान पाठक को चेतावनी जारी करते हुए एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी है। वहीं शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में सरकारी राशि के दुरुपयोग और नियम विरुद्ध कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता हिमांशु सिंह ठाकुर द्वारा कलेक्टर कार्यालय में दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में विभिन्न मामलों में नियमों की अनदेखी की गई है। आवेदन के अनुसार सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि पासबुक की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई, सूचना के अधिकार से संबंधित जानकारी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई तथा छात्रवृत्ति संबंधी जानकारी का भी सत्यापन नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं को कृषक बताकर शासन को गलत जानकारी देकर वन भूमि पट्टा योजना तथा प्रधानमंत्री किसान निधि जैसी योजनाओं का लाभ लिया गया। जबकि आवेदन में दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्ति वर्ष 1998 से शासकीय सेवा में कार्यरत है। शिकायतकर्ता ने इन तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इसी बीच जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कबीरधाम द्वारा जारी आदेश में स्कूल सामग्री क्रय संबंधी वित्तीय अनियमितता पर कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार विद्यालय में सामग्री क्रय के दौरान जीएसटी बिल प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला सामने आया, जिसे वित्तीय नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत मानते हुए संबंधित प्रधान पाठक को चेतावनी जारी की तथा एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व में भी इस मामले को लेकर आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब उन्होंने कलेक्टर से जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित रहता है या शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कर आगे की कार्रवाई करता है।





