
रायपुर/धमतरी।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में मनाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ के बीच राजस्व विभाग के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एक तरफ जहां राजधानी रायपुर के तिल्दा-नेवरा में आयोजित समाधान शिविर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने लापरवाही की हदें पार करने वाले एक पटवारी को मंच से ही महज एक घंटे के भीतर निलंबित करने का फरमान सुना दिया, वहीं दूसरी ओर धमतरी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वायरल ऑडियो रिश्वतकांड पर कड़ी नाराजगी जताते हुए भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की दो टूक चेतावनी दी है लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अमल नहीं किया जा सका है।
सरकार के इन कड़े तेवरों से साफ है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना करने वाले और जनता को परेशान करने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब बख्शे नहीं जाएंगे।
रायपुर जिले के तिल्दा–नेवरा स्थित बीएनबी हाई स्कूल ग्राउंड में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब ग्रामीणों ने तहसील के एक पटवारी की गंभीर शिकायत सीधे राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी ने एक छोटे और गरीब किसान की जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में ‘निरंक’ (शून्य) दिखा दिया था, जिसके सुधार के लिए वह पीड़ित किसान कई दिनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। इस घोर लापरवाही पर बिफरे राजस्व मंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से पटवारी को एक घंटे के भीतर सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और राजस्व मंत्री ने प्रशासनिक अमले को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जनता के काम में लेत-लतीफी और उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी।
शिविर में आए 405 आवेदनों के त्वरित निपटारे के निर्देश देते हुए मंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर तहसीलदार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो तहसीलदार खुद सस्पेंड होंगे और यदि एसडीएम स्तर पर लापरवाही दिखी तो वे सीधे मुख्यमंत्री को कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे। इससे पहले आरंग के समोदा में भी सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा आरंग के नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को जनता के सामने ‘कितना पैसा लेते हो’ कहकर कड़ी फटकार लगाने का मामला भी खूब गरमाया हुआ है।
प्रशासनिक स्तर पर मची इस खलबली के बीच धमतरी जिले से भी पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष पटवारी का एक रिश्वतकांड सामने आया जिसने सुशासन के दावों के बीच जमीनी हकीकत को बयां कर दिया है। धमतरी में जमीन का नक्शा काटने के एवज में आवेदक से खुलेआम 10 हजार रुपए मांगे जाने का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में पटवारी दफ्तर का ही एक कारिंदा साफ तौर पर यह कहता सुनाई दे रहा है कि ‘पटवारी साहब ने 10 हजार रुपए मंगाए हैं’, जिस पर आवेदक के साथ उसकी तीखी बहस भी हुई। बताया जा रहा है कि इस पटवारी का भू-माफियाओं के साथ गहरा उठना-बैठना है और इसके खिलाफ पहले से ही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में जांच चल रही है, फिर भी रसूख के दम पर इसे धमतरी जैसे मलाईदार क्षेत्र में तैनात रखा गया था। कुछ हफ्ते पूर्व एक राजस्व निरीक्षक (RI) के सहयोगी का भी घूस लेते वीडियो आया था, जिसेअफसरों से मिलकर दबवा दिया था, जिसके चलते आज भी मातहत कर्मचारी बेखौफ होकर मुख्यमंत्री के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

इस गरमाए प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धमतरी के पुराना मंडी परिसर (बस स्टैंड) में आयोजित ‘सुशासन समाधान शिविर’ में पहुंचे। विकास कार्यों की इस झड़ी के बीच मुख्यमंत्री ने धमतरी के मंच से वायरल रिश्वतकांड का कड़ा संज्ञान लेते हुए दहाड़ लगाई। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि साय सरकार में भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने जनता को स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर अडिग है और इस मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि तिल्दा की तरह धमतरी का जिला प्रशासन भी मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए इस पटवारी पर तत्काल गाज गिराता है, या फिर विभागीय सांठगांठ के खेल में इस मामले को भी रफा-दफा कर दिया जाता है।
वहीं आज दिन गुरुवार को दोपहर में राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा का आगमन धमतरी जिला के ग्राम पंचायत पीपरछेडी में आयोजित सुशासन समाधान शिविर में शिरकत करेंगे ऐसे में आज मंत्री का क्या बयान सामने आता है और मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अमल न करने वाले अधिकारियों पर क्या गाज गिरती है नजर रहेगी…. बने रहिए हिन्द मीडिया न्यूज़ के साथ….
चुनेश साहू 7049466638
हालांकि वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। और ना ही हिन्द मीडिया न्यूज़ इस आडियो की पुष्टि करती है, सोशल मीडिया में ऑडियो सामने आने के बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोग राजस्व विभाग में लंबे समय से चल रही कथित अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि छोटे-छोटे भूमि कार्यों के लिए भी लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं और बिना पैसे काम नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। फिलहाल यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।





