
रायपुर, 14 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर आज अपने निवास कार्यालय में उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब अम्बेडकर को याद करते हुए कहा कि वे सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके अथक प्रयासों और दूरदर्शी विचारों के कारण ही भारत में एक ऐसे लोकतांत्रिक ढांचे की स्थापना संभव हो सकी, जिसमें हर व्यक्ति को समान अवसर और गरिमा के साथ जीने का अधिकार प्राप्त है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने न केवल भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता के खिलाफ एक मजबूत आवाज भी उठाई। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक बाबा साहब के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और एक न्यायपूर्ण, समरस एवं सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और समानता के सिद्धांतों पर चलकर ही हम एक विकसित और समृद्ध राज्य का निर्माण कर सकते है
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी बाबा साहब अम्बेडकर के योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वातावरण में श्रद्धा और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जहां सभी ने एक स्वर में उनके विचारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और समाज को समानता, न्याय एवं भाईचारे के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।





