
कवर्धा, 10 अप्रैल 2026।
कबीरधाम जिले में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों के बैंक खातों का आधार से सीडेड (लिंक) होना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों के खाते आधार से लिंक नहीं होंगे, उन्हें छात्रवृत्ति की राशि मिलने में बाधा आ सकती है। ऐसे में सभी स्कूलों और संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों के आधार सीडिंग कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराएं।
जिले में अब तक 37 हजार 599 विद्यार्थियों के बैंक खातों को आधार से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके खाते आधार से लिंक नहीं हो पाए हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बैंकों और डाक विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों में लगेंगे विशेष शिविर
प्रशासन ने सभी बैंक शाखाओं और डाक विभाग को निर्देशित किया है कि वे स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित करें। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों के निःशुल्क बैंक खाते खोले जाएंगे और उनके खातों को आधार से लिंक किया जाएगा। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी और उन्हें बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
जिला प्रशासन ने इस पूरे कार्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आधार सीडिंग की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए भी कहा गया है, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
विद्यार्थियों को समय पर मिलेगा लाभ
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि समय पर और बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके। डीबीटी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, जिससे छात्रों को सीधे लाभ मिलेगा।
प्रशासन ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से भी अपील की है कि वे अपने बैंक खातों को जल्द से जल्द आधार से लिंक करवा लें, ताकि छात्रवृत्ति प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।





