अजय जांगड़े 8085164784
कवर्धा,जिले में उचित मूल्य की दुकानों पर चावल की भारी कमी हो रही है, लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारी इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं। जनता को राशन न मिलने से परेशानी बढ़ रही है, वहीं सरकार के साथ धोखाधड़ी की आशंका जताई जा रही है।
भास्कर दूत संवाददाता ने मासिक भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानों की जानकारी मांगी, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। विभाग ने अन्य कार्यों का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया, जो पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
सूत्रों के अनुसार, ऐसी दुकानों से लेन-देन की आशंका है, जिससे चावल शॉर्टेज छिपाया जा रहा है। यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है, क्योंकि पत्रकारों को जानकारी न देना जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को तोड़ता है।
कबीरधाम कलेक्टर से मांग
जिला कलेक्टर को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। प्रभावित अधिकारियों और दुकानों पर लापरवाही के लिए सर्विस बुक में आपत्ति दर्ज कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश दें कि पत्रकारों को निश्चित समय में सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
खाद्य विभाग लापरवाह या सिस्टम में खामी?
क्या यह विभागीय उदासीनता है या कोई ऐसा तंत्र जो जनता को गुमराह कर रहा है? जिला प्रशासन की चुप्पी से सवाल उठ रहे हैं—क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा? भास्कर दूत लगातार इसकी जांच करता रहेगा।
जनता और शासन के बीच पुल का काम करने वाले पत्रकारों के साथ यह बदसुलूकी जिले की छवि खराब कर रही है। कलेक्टर से अपील है कि विश्वास बहाली के लिए कदम उठाएं।






