
*बालोद :-* गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत बोरगहन में ध्रुव गोंड आदिवासी समाज द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद वीरनारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने शहीद की वीरता और उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह जी छत्तीसगढ़ की माटी के गौरव हैं। उन्होंने गरीबों और किसानों के हित के लिए अंग्रेजी हुकूमत से डटकर मुकाबला किया। उनका बलिदान हमें अन्याय के विरुद्ध लड़ने और देश प्रेम की प्रेरणा देता है। हमें उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। स्थानीय नागरिकों और ध्रुव गोंड समाज ने जिला पंचायत अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया और क्षेत्र की गौरवशाली परंपरा को संजोए रखने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रमुख रूप से पुष्पेंद्र चंद्राकर पूर्व सदस्य जिला पंचायत बालोद, प्रतिमा देशलहरे सरपंच ग्राम पंचायत बोरगहन (फुंडा), जितेश्वरी ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत पेंड्री, राजेश्वरी पडोटी सरपंच ग्राम पंचायत सलोनी, डी एल धुर्वे , संतराम चंद्राकर पूर्व सरपंच बोरगहन, अनसूईया चंद्राकर पूर्व सरपंच,कमलेश ठाकुर पूर्व सरपंच, दुलार ठाकुर एवं समस्त आदिवासी ध्रुव गोंड समाज बोरगहन अचौद के सदस्यगण शामिल हुए।
*जिला पंचायत अध्यक्ष ने बाबा को बताया मानवता का मसीहा, मनखे-मनखे एक समान के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान*

*बालोद :-* ग्राम नवागांव चिचलगोंदी (गुण्डरदेही) में सतनामी समाज द्वारा बाबा गुरु घासीदास जी की भव्य जयंती समारोह एवं मड़ई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में पंथी नृत्य और मंगल भजनों के बीच बाबा के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के पथ-प्रदर्शक थे। उन्होंने कहा बाबा कि घासीदास इस युग के सबसे बड़े संत थे जिन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेदभाव और पाखंड को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि बाबा का दिया हुआ ‘मनखे-मनखे एक समान’ का अमर संदेश आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने समाज के लोगों से बाबा के बताए सात सिद्धांतों का पालन करने और शिक्षित बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।
इस दौरान पंथी नर्तक दलों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन के अंत में बाबा के आशीर्वाद से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की और आश्वासन दिया कि बाबा के आदर्शों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। कार्यक्रम में जसवंत सिंह, डिलेश्वर पटेल सरपंच ग्राम पंचायत सनौद, केशव साहू कवि, बुधियार देशलहरे उपसरपंच, चंद्रभान निषाद पूर्व सरपंच, सुखिया बाई पंच, शिवकुमार साहू, जीवन कोसरे पंच, गंगाराम बंजारे पूर्व सरपंच, नागेश बंजारे, नरोत्तम बारले पंच, राजकुमार बंजारे, डॉ यशवंत साहू, साबिर खान एवं सतनामी समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





