
राजधानी रायपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर नई बसों को ग्रामीण मार्गों के लिए रवाना किया। इस चरण के तहत 180 नए गांव नियमित बस सेवा से जुड़ गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।
परिवहन सुविधा से ग्रामीणों को बड़ी राहत
योजना का दूसरा चरण विशेष रूप से उन गांवों पर केंद्रित है जहां अब तक परिवहन सुविधाएं सीमित थीं। नई बसें न केवल ग्रामीण यात्रियों को शहरों और ब्लॉकों तक आसान आवाजाही का अवसर देंगी, बल्कि छात्रों, किसानों, महिलाओं और रोज़गार की तलाश करने वाले युवाओं के लिए भी यह सुविधा बड़ी राहत साबित होगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में शुरू की गई बस सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर उन मार्गों पर चलाई जा रही हैं जहां यात्री मांग अधिक है, लेकिन निजी बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गांव का नागरिक परिवहन सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों को मजबूत परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि विकास की धारा गांव-गांव तक पहुंच सके।”
उन्होंने भरोस दिलाया कि आने वाले महीनों में इस योजना को और विस्तार दिया जाएगा तथा और अधिक गांवों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
नए बस मार्गों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। किसानों की उपज को मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार में भी वृद्धि संभावित है।
परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बसों के संचालन हेतु तय किए गए मार्गों में सुरक्षा, समयबद्धता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
आगे भी जारी रहेगा
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का पहला चरण बेहद सफल रहा था, जिसके बाद तुरंत दूसरे चरण की शुरुआत की गई। अब तक सैकड़ों गांव इस योजना के माध्यम से मुख्य सड़कों और शहरों से जुड़ चुके हैं। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगले वर्ष तीसरे चरण की शुरुआत भी की जा सकती है।





