
जांजगीर-चांपा। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायतों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला पंचायत CEO ने बड़ा कदम उठाते हुए 5 आवास मित्रों और 1 रोजगार सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों पर फर्जी पात्रता, अपूर्ण निर्माण के बावजूद भुगतान और लाभार्थियों से वसूली जैसे गंभीर आरोप थे। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
क्या थी शिकायतें?
अपात्र लोगों के नाम सूची में जोड़ना लाभार्थियों से पैसे मांगने की शिकायत निर्माण कार्य अधूरा होने पर भी फंड रिलीज लाभार्थियों के दस्तावेजों में हेरफेर
प्रशासन का बयान
जिला पंचायत CEO ने कहा— “योजना गरीबों के लिए है, इसमें किसी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।”
लाभार्थियों में संतोष
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण इलाकों में राहत की भावना है। कई ग्रामीणों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे योजना पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सकेगी।
आगे क्या? संबंधित प्रकरणों की आगे भी जांच जारी रहेगी नए आवास मित्रों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्दी शुरू हो सकती है सभी गांवों में दस्तावेज और निर्माण स्थिति की पुनः समीक्षा की जाएगी





