
छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ी ठिठुरन, कई शहरों का पारा सामान्य से नीचे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचानक बढ़ी ठंडक ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह–शाम गलन बढ़ने से लोगों ने गर्म कपड़ों और हीटर–अंगीठी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे प्रदेश भर में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, हालांकि न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन ठिठुरन का असर बरकरार रहेगा।
राजधानी रायपुर, दुर्ग–भिलाई, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोरबा और जशपुर सहित कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। पहाड़ी और उत्तरी इलाकों में पारा तेजी से लुढ़कने से लोगों को तीखी ठंड का अहसास हो रहा है। अंबिकापुर में सुबह की धुंध और तेज सर्द हवा के चलते दृश्यता कम रही, वहीं कोरबा और जशपुर में न्यूनतम तापमान औसत से 2–3 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी भारत में सक्रिय ठंडी हवाएँ लगातार मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसका सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। फिलहाल वर्षा की कोई संभावना नहीं है, परंतु हवा की दिशा और गति के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रदेश के उत्तर–पूर्वी जिलों में अगले दो दिनों तक कड़ी ठंड बनी रह सकती है और कुछ क्षेत्रों में शीतलहर के प्रकोप की चेतावनी भी जारी की गई है।
तेजी से गिरते तापमान ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क कर दिया है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और देर शाम बाहर निकलने पर गर्म कपड़ों का उपयोग अनिवार्य बताया गया है। स्कूली बच्चों में सर्दी–खांसी के मामले बढ़ने पर कई अभिभावकों ने स्कूल समय बदलने की मांग भी रखी है।
दुकानदारों और चाय–नाश्ते के ठेलों पर सुबह–शाम भीड़ बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अलाव जलाकर ठंड से बचाव करना शुरू कर दिया है। बाजारों में स्वेटर, जैकेट और मफलर की बिक्री में भी तेजी देखी जा रही है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम में अचानक होने वाले परिवर्तनों के प्रति सजग रहें और आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ। यदि हवा की गति और दिशा इसी प्रकार बनी रही तो आने वाले दिनों में ठिठुरन और अधिक बढ़ सकती है तथा कई जिलों में शीतलहर की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।





