
बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका—हिड़मा ढेर, शांति बहाली की ओर क्षेत्र में नई उम्मीद
छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। वर्दीधारी जवानों ने संयुक्त अभियान में शीर्ष नक्सली कमांडर, सीसी मेम्बर और बस्तर में दहशत का पर्याय बन चुके माडवी हिड़मा को मार गिराया है। ऑपरेशन में कुल छह नक्सली ढेर हुए हैं। इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
हिड़मा, जिस पर कई बड़े हमलों—दरभा घाटी नरसंहार, ताड़मेटला हमले और सुरक्षा बलों पर कई घातक वारदातों के आरोप थे—का खात्मा सुरक्षा एजेंसियों के लिए वर्षों की चुनौती था। बस्तर में हिंसा का चेहरा माना जाने वाला यह कुख्यात माओवादी लंबे समय से सुरक्षाबलों की सूची में शीर्ष पर था।
राज्य सरकार ने इस सफलता को लाल आतंक पर करारी चोट बताया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि हिड़मा का अंत केवल एक बड़े माओवादी कमांडर के मारे जाने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह बस्तर में लौट रही स्थायी शांति का संकेत है। सीएम ने कहा कि यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों की वीरता, रणनीति और जनभागीदारी की जीत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बस्तर ने नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक बदलाव देखा है—
सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण
टॉप कैडर की लगातार गिरफ्तारियाँ
कई बड़े क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार
इन कदमों ने आम नागरिकों के मन से भय को दूर किया है और विकास की किरण दुर्गम इलाकों तक पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री साय ने केंद्र सरकार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यवाहियों ने नई गति पकड़ी है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाएँ, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति और नई सुरक्षा रणनीति ने स्थानीय समुदायों का विश्वास मजबूत किया है।
सरकार का दावा है कि केंद्र–राज्य की संयुक्त रणनीति के साथ मार्च 2026 तक भारत को पूर्णतः नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब वास्तविकता के करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है।
बस्तर में लोगों का कहना है कि हिड़मा के खात्मे से इलाके में भय का माहौल कम होगा और विकास कार्यों को और गति मिलेगी। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और लोगों के बीच संवाद बढ़ा है, जिससे विश्वास का नया माहौल तैयार हो रहा है।
राज्य सरकार ने इसे शांति, विकास और विश्वास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है।





