
दुर्ग/जामुल। दुर्ग जिले के जामुल क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब अयोध्या नगर स्थित एक पुरानी, खंडहरनुमा बिल्डिंग से अचानक नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबराकर मौके पर पहुंचे। बिल्डिंग के अंदर सीढ़ियों के पास एक मासूम नवजात बच्ची को जोर-जोर से रोते हुए देखकर लोग दंग रह गए। बच्ची ठंड और भूख से तड़पती हुई मिली, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए डायल 112 को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जामुल थाना पुलिस और 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपनी गोद में उठाया और उसे तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक जांच की और बच्ची के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत अभी स्थिर है, लेकिन उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
घटना सामने आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। अयोध्या नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को बिल्डिंग में कौन छोड़कर गया। इसके अलावा पुलिस स्थानीय लोगों से भी लगातार पूछताछ कर रही है, यह जानने के लिए कि किसी ने संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को उस दिशा में जाते हुए देखा या नहीं।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला नवजात त्यागने का प्रतीत होता है। हालांकि बच्ची को कहाँ से लाया गया, उसके माता-पिता कौन हैं और उसे खंडहर में क्यों छोड़ा गया—इन सभी पहलुओं की जांच विभिन्न कोणों से की जा रही है। मामले में बाल कल्याण समिति को भी सूचना दे दी गई है, ताकि बच्ची के संरक्षण और आगे की देखरेख को लेकर नियमों के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने ऐसे अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा की है। कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा भी जताई, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि उसके लिए कानूनी प्रक्रिया आवश्यक है।
फिलहाल नवजात बच्ची सुरक्षित है और जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी की पहचान जल्द से जल्द कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना की जांच जारी है।





