
धमतरी, 1 नवंबर 2025:
छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस की धूम में डूबा धमतरी जिला एक मिशाल पेश कर रहा है – जहां एक तरफ एकलव्य खेल मैदान पर पंडाल, स्टेज और स्टॉल सज रहे हैं, वहीं जिला राज्योत्सव स्थल पहुंचने वाली सड़कें गड्ढों के समंदर में तब्दील हो चुकी हैं! आज से शुरू हो रहे 2 नवंबर के मेगा इवेंट में नेता-अफसरों की बेड़ा तलब आएगा, लेकिन क्या उनकी लग्जरी गाड़ियां इन थूक पॉलिश‘ सड़कों पर हिचकोले नहीं खाएंगी? जनता तो वर्षों से गड्ढा यात्रा’ कर रही है!

27 साल vs नाबालिग विकास: 6 जुलाई 1998 को रायपुर से कटकर स्वतंत्र जिला बने धमतरी को 27 बरस पूरे हो चुके। महानदी की गोद में बसी यह धर्म नगरी’ ऐतिहासिक रूप से समृद्ध रही – बड़े-बड़े नेताओं और क्रांतिकारियों की जन्मभूमि! लेकिन आज? विकास के नाम पर शिशु अवस्था जहां अन्य शहर इतने वर्षों में सालों में विकास की मजबूत नीव,खड़े कर चुके, वहीं धमतरी की सड़कें मानसून के एक झोंके में चूरन हो जाती हैं।

विभाग की ‘थूक पॉलिश’पर्याप्त? या यह राजनीतिक उपेक्षा का नंगा नाच?

राज्य 25 साल का हो रहा, धमतरी जिल 27 का – लेकिन विकास में अतिपिछड़ा , इंफ्रास्ट्रक्चर में पाषाण युग! पड़ोसी महासमुंद में हाईवे चमक रहे, रायपुर स्मार्ट सिटी बन गया, लेकिन धमतरी? गड्ढों का ‘वर्ल्ड कप’! राज्योत्सव में मुख्यमंत्री-मंत्री आएंगे, हेलीकॉप्टर लैंडिंग होगी, लेकिन 5 किमी की सड़क पार करना जंग साबित होगा। जनता चिल्ला रही: “नेताओं की गाड़ियां भी फंसेंगी तो जागेंगे?”

यह सिर्फ सड़कें नहीं, सिस्टम की सड़न है! जन्मभूमि होने के बावजूद नेता वोट लेने आते हैं,विकास भूल जाते। निगम की लापरवाही ,25 साल राज्य, 27 साल जिला – कितने और साल इंतजार? राज्योत्सव की रौनक दो दिन टिकेगी, लेकिन गड्ढे स्थायी…?.?.
जनता की पुकार “सुधार करो, वरना धमतरी की ‘उम्र’ बेकार!” अब देखना दिलचस्प – राज्योत्सव के दो दिन में जादू होगा या थूक पॉलिश ही चलेगी? धमतरी जागे, वरना इतिहास शर्मिंदा!
यही धमतरी जिला की
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चुनेश साहू 7049466638





