पंडरिया: विधानसभा पंडरिया के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मंजुला देवी कुर्रे तो बहुत ही सादगी और सीधी प्रत्याशी है जिन्हें राजनीति सफर का अधिक ज्ञान नहीं है पर समाज सेवा और जन लाभ विकास के लिए वे पंडरिया अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी बन विकास की धारा बहाने बीड़ा उठाई है। जिसके चलते नगर पालिका परिषद पंडरिया क्षेत्र में अपनी समर्थन में जनता से आशीर्वाद और सहयोग स्वरूप वोट को देने की अपील कर रहीं हैं।
मंजुला देवी कुर्रे पूर्व में नगर पंचायत अब नगर पालिका परिषद हो चुका है। जहां पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद पर आसीन रह चुकी हैं। इनके कार्यकाल में राज्य में भाजपा की सरकार और विधानसभा में विधायक भी भाजपा की ही थी जिसके चलते नगरीय निकाय पंडरिया को अनेकों सुविधाओं का सौगात मिला था। इनके कार्यकाल समाप्ति के बाद निर्वाचन प्रक्रिया से अध्यक्ष पद फिर कांग्रेस की सीट आयी जहां पूरे कार्यकाल के दौरान कुछ भी निर्माण कार्य जन सरोकार से जुड़ी अच्छे विकास कार्य देखने को नहीं मिले। अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने आस पास के सड़कों, देव स्थल और मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसते रहे लोग। ठीक इसके बाद पुनः निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव में ऐसा फेर बदल कर कानून व्यवस्था बनाए की अध्यक्ष का चुनाव न कर केवल पार्षद पद पर ही चुनाव हुआ जिसमें पार्षदों के द्वारा ही अपने मत से अध्यक्ष का चुनाव किया जाना था जहां सिर्फ उन्हें ही अध्यक्ष चुने जाने का अधिकार रहा जिसमें अनेकों फेर बदल, षड्यंत्र, कूटनीति जैसे दौर से गुजरने के बाद अध्यक्ष पर के लिए राजीन सुजीत गायकवाड़ निर्वाचित हुई। जो जोगी कांग्रेस पार्टी से पार्षद पद जीत कर आई थी वहीं कांग्रेस की राज्य में सरकार व विधानसभा में विधायक के पद पर ममता चंद्राकर थी जहां पार्षदों के द्वारा जोगी कांग्रेस पार्टी की पार्षद को अध्यक्ष पद के लिए चयन किए। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद तत्कालीन नगर पंचायत को अध्यक्ष प्राप्त हुआ। नगर के आम जनता सह मतदाता को यह उम्मीद थी कि अब नगर में विकास कार्य में तेजी आएगी मगर विडंबना ऐसा कुछ नहीं हुआ। कागजों और थोड़ा बहुत कार्य हुआ तो भ्रष्टाचार के बू आने जैसे गुणवत्ता हिन कार्य हुए है जिसे जनता अब जवाब देने के लिए तैयार भी हैं कि क्या वही अंधकार में फिर से डूबना चाहती है पंडरिया की जनता ? यह प्रश्न चिन्ह बना हुआ है कि आखिर कैसे इस तरह से नगर क्षेत्र को विकास से पीछे धकेलने वालों को पुनः अवसर प्रदान कर सके।