
@अजय जांगड़े
कवर्धा : छत्तीसगढ़ प्रदेश के शहरों ,कस्बों में छोटी छोटी बच्चियों द्वारा टोली बनाकर सुआ गीत गाकर नृत्य करते नजर आ रहे हैं। यह पर्व बहुत ही खुशहाली के साथ धन लक्ष्मी की पूजा किए जाने वाली पर्व है। वैसे छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर जाना जाता है वहीं ऐसे ही यहाँ की एक परंपरा है जिसे छत्तीसगढ़ की बच्चियां और महिलाएं ने आज भी जिन्दा रखा है, जहाँ दिवाली त्यौहार से पहले आज भी छोटी छोटी बच्चियां इकट्ठा होती है और घर घर गली गली मोहल्लों में घूम घूम कर छत्तीसगढ़ी पारंपरिक सुआ गीत गाकर नृत्य करते हैं। और दीपावली के दिन स्थापित किए जाने वाले भगवान गौरा गौरी के विवाह का निमंत्रण देते हैं। वही इस परंपरा को लेकर कबीरधाम जिले के बोडला, पंडरिया सहित कवर्धा में छोटी छोटी बच्चियां द्वारा टोली बनाकर गली मोहल्लों गांव गांव में घूम घूम कर सुआ गीत और नृत्य करते हुए नजर आ रहे हैं।





