
संवाददाता: अजय जांगड़े
कवर्धा: देशभर में हो रहे बेटियों से बलात्कार, हत्या, एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोगों की प्रताड़ना तथा समाज के उपवर्गीकरण सहित सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भीम आर्मी परिवार दिवाली नहीं मनाएगा। मूल निवासी समाज के जितने भी भीम आर्मी के सदस्य हैं उनके परिवार में दिवाली नहीं मनाए जाने की घोषणा किए हैं।
यह जानकारी व संदेश भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अमन अनंत ने कही है । यह देश में हो रहे अत्याचार पर शिकंजा न कस पाने वाले राजनैतिक सिंहासन पर बैठे लोगों को भी सोचना चाहिए कि देश में बेटी सुरक्षित नहीं और दिवाली की खुशी में झूम उठने की तैयारियों को बढ़ावा तथा सहमति जता स्वयं भी हिस्सेदारी निभा रहे हैं।
पंडरिया स्थित अपने कार्यालय से यह प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भीम आर्मी के मीडिया प्रभारी ने जिलाध्यक्ष के आदेश पर जारी किया।
उन्होंने भारतीय मूल निवासी समाज और सतनामी समाज का समर्थन करते हुए कहा है कि हमारे अपने
लोग अपने ही देश में सुरक्षित नहीं है। निर्दोषों को जेल में डाला जा रहा है और बलात्कारियों को फूल माला पहनाया जा रहा है मूलनिवासी (आदिवासी)युवक के मुंह पर पेशाब किया जा रहा है जूते से पानी पिलाया जा रहा है ऐसे तमाम घटनाएं लगातार जारी हैं चाहे बात बेटियों का बलात्कार कर हत्या कर देने वाली घटना की हो या आदिवासियों के घर उजाड़ देने की बात हो।
दीपावली मनाना, पटाखा फोड़ना पीड़ित परिजन पर हंसने के बराबर।
होगा भीम आर्मी अध्यक्ष अमन अनंत ने कहा है कि भीम आर्मी परिवार दिवाली नहीं मनाएगा। हमारा परिवार एससी-एसटी और ओबीसी समाज के निर्दोष लोग जेल में बंद है, उनके परिजनों से मिलकर उनके दुखों में भागीदार बनेगा।
लोहारीडीह कांड में अभी भी दर्जनों भाई बहन जेल में बंद है वहीं बलौदा बाजार कांड में भी हमारे भाई बंद है आखिर दीवाली कैसे मना सकते हैं इनके बगैर।
जिला कार्यकारिणी मोहित जांगड़े ने आगे कहा है कि दिवाली नहीं मानने का निर्णय हमारे क्रांतिकारी साथी महासचिव विराट दिवाकर ,मीडिया प्रभारी लोकेश मोहले, पंडरिया ब्लॉक अध्यक्ष संगम बारमते व राजू जांगड़े सहित सभी भीम आर्मी परिवार ने लिया।





