कवर्धा, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की करतूत लगातार सामने आ रही अपनी आलस्य और कमजोरी को भी अपनी कमाई का जरिया बना रही विभाग, बताते चलें कि पंडरिया क्षेत्र की सभी बीटों में अवैध पेड़ कटाई जोरो पर चलती हुई देखा जा सकता है।
राज्य में वनों के विकास के लिए वन विकास निगम का गठन किया गया है लेकिन प्रतिदिन सैकड़ों पेड़ो की बलि दी जाती है जिसपर रोक लगाने के बजाए विभाग केवल पंचनामा की कार्यवाई कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं दरअसल कबीरधाम जिला में सक्षम अधिकारी नही है प्रभारी अधिकारी है जो जिले को नही सम्हाल पा रहे है साथ ही अपने कार्यशैली में बदलाव नहीं ला पा रहे है जिसके चलते अधीनस्थ कर्मचारी बे लगाम हो चुके हैं और वन तस्कर मालामाल हो रहे हैं ।
सैकड़ों पेड़ो की बलि
पंडरिया के नरसिंगपुर बिट के कक्ष क्रमांक 1420, 1422,1423 में प्रतिदिन सैकड़ों पेड़ो की बलि हो रहा है । उक्त बिट में केवल इमारती लकड़ी सागौन ही है जिसे वन तस्कर और अतिक्रमण कारियो ने बिना कोई डर भय के बे रोक टोक काट रहे हैं जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को है लेकिन जानकार भी अनजान बने हुए है। एक पेड़ को तैयार करने में कई साल की अवधि लग जाता है लेकिन उन सभी को कुछ ही घंटो में साफ किया जा रहा है और ज़िम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जो समझ से बाहर है ।
पंचनामा कर जिम्मेदारी की निर्वाहन
प्रतिदिन सैकड़ों पेड़ो की कटाई हो रहा है जिसपर विभागीय अमला कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पा रहा है आखिर इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है। जो समझ में नहीं आता। पेड़ो की कटाई हो जाने के बाद विभागीय कर्मचारियो का दल मौके पर पहुंचकर जंगल में कटे सागौन के पेड़ो की अवशेष का पंचनामा तैयार करते हैं और इकठ्ठा कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर लेते हैं।
दोस्ती यारी निभा रहे है अधिकारी
कबीरधाम जिला में वन विकास निगम में जिला अधिकारी का पद रिक्त हैं जिस पर पीतांबर साहू जमे हुए है जो सक्षम दिखाई नहीं देते वही लगभग 15 वर्षो से नरसिंहपुर बिट और पंडरीय क्षेत्र में गणेश चंद्रवंशी पदस्थ हैं जो स्थानीय निवासी भी है जिसके चलते कार्यवाही करने में डरते हैं और माफियाओं से दोस्ती निभा रहे है।
उच्चस्तरीय जांच समिती गठित करने आवश्यकता
जिम्मेदार पद पर असक्षम अधिकारी जब से बैठे हैं तब से लेकर आज तक वन विकास के नाम पर लूट मचाकर वन विनाश कर रहे हैं। अवैध कटाई पर प्रकरण तैयार करने के बजाए अपनी कुर्सी बचाने माफियाओं से दोस्ती कर रहे हैं। इनके कार्यकाल की फाइल खंगालने पर इनके सारे अनियमितताएं उजागर होने की संभावनाओं से इंकार नही किया जा सकता। जिसके लिए उच्च स्तरीय जांच टीम गठित करने की आवश्यकता है।