
EPISODE_01
छग / धमतरी
छत्तीसगढ के धमतरी जिला में सूचना का अधिकार अधिनियम का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है जहां आवेदकों को गुमराह करने के मकसद से भ्रामक जानकारी और नियम कानून में फसा कर जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं।
आपको बता दें कि धमतरी जिला कार्यालय के कुछ एक विभाग जहां है जहां सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दी जाने वाली जानकारियों में आवेदकों से दुर्व्यवहार और आवेदकों के आवाज आवेदन को दबाने का भरसक प्रयास किया जा है।जन सूचना अधिकारी अपने भ्रष्ट्राचार को छुपाने
क्या है सूचना का अधिकार..??
मुख्य रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ 2005 में एक अधिनियम लागू किया गया जिसे सुचना का अधिकार यानी RTI कहा गया. इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है बस शर्त यह है की RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए. यानि हम किसी सरकारी विभाग से उसके विचार नही पूछ सकते. जैसे आप के ईलाके में विकास के कामो के लिए कितने पैसे खर्च हुए है और कहाँ खर्च हुए है, आपके इलाके की राशन की दुकान में कब और कितना राशन आया, स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल में कितने पैसे खर्च हुए है जैसे सवाल आप सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत पता कर सकते है.।
बहरहाल आलम यह है कि संबंधित विभाग आवेदक के जानकारी देने आधिकारी के पसीने छूट रहे हैं प्राप्त जानकारी मुताबिक़ संबंधित विभाग में अपात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्ध हेतू कुछ गिने चुने व्यक्तियों को ही लाभ पहुंचाया जा रहा है।
वहीं खबर मुताबिक़ दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर आए आधिकारी वर्तमान में चार्ज लिए है, आधिकारी के कारनामे बड़े है जिनका जांच भी जारी है, खुलासा दस्तावेज आने पर किया जाएगा बने रहिए हिन्द मिडिया न्यूज़ टीम के साथ।
चुनेश साहू 7049466638





