कबीरधाम: शून्य से शिखर तक की सोच रखने वाले, अभाव में प्रभाव पैदा करने वाले, संघर्ष के राही कर्म के पुजारी-प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे ग्रामीण अंचल में विगत 20 वर्षों से प्राथमिक शिक्षा का अलख जगाए हुए हैं। सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय को भौतिक संसाधनों से समृद्ध बनाकर, स्वयं की कला से आकर्षक प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण कर, वृहत वृक्षारोपण करके स्कूल परिसर को हरितिमा युक्त बनाकर सभी को विद्यालय की ओर आकर्षित करते आ रहे हैं, जिससे शाला की दर्ज़ संख्या, ठहराव, औसत उपस्थिति में वृद्धि सतत् रुप से परिलक्षित होता रहा है। शाला में स्मार्ट क्लास का संचालन, आकर्षक टीएलएम निर्माण, गतिविधि आधारित शिक्षा के कारण श्री अरविंदो सोसायटी द्वारा जिले में रोल मॉडल स्कूल के रूप में पहचान मिला। जन सहयोग से तथा शाला निधि का बेहतर उपयोग कर प्रार्थना स्थल का कांक्रीटीकरण, मोटर पंप, पानी टंकी, हैण्डवास बेसिंग, सोलर लाईट, व्यायाम उपकरण, खेल सामग्री, SMART LED TV, DTH, प्रत्येक कक्षा में व्हाइट/ग्रीनबोर्ड, ग्रीन कारपेट, कूलर, पंखे, एग्जास्ट फैन लगवाकर शासकीय स्कूल को निजी विद्यालय से बेहतर बनाते हुए गांव में भी शहरों जैसे सुविधाएं मुहैया कराया। स्वयं के खर्च से विद्यार्थियों में शैक्षिक बदलाव के साथ उनके रहन-सहन में परिवर्तन लाने हेतु शैक्षिक सामग्री, स्कूल बैग,पेन कापी, टाई-बेल्ट, कंपास पानी बाटल आदि वितरण करते हैं। छात्राओं को शैक्षिक गोद लेकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हैं। कोरोना काल के दौरान विषम परिस्थितियों में भी विद्यालय ग्राम में स्थाई टेण्ट लगाकर मोहल्ला में स्मार्ट क्लास का संचालन कर शत् प्रतिशत विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर मार्गदर्शन देकर 14 बच्चों का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन तथा 4 बच्चे जवाहर उत्कर्ष में चयनित हुए। अच्छी शिक्षा के प्रभाव से शाला में अन्य गांवों के छात्र अध्ययन करते हैं। शिक्षण के साथ-साथ पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों में भी बेहतर कार्य करते रहे हैं- उपचारात्मक शिक्षा, हस्तपुस्तिका निर्माण, साहित्यिक, सांस्कृतिक, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने विविध आयोजन, मानवीय मूल्यों की शिक्षा, सामाजिक जनजागरुकता, जिले में नशामुक्ति अभियान रथयात्रा में सक्रिय भागीदारी, ड्राप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाना, चित्रकला,पेंटिंग, सजावट, हस्तकला, कौशल विकास कार्यक्रम से जीवनोपयोगी शिक्षा देते हैं। छ.ग.शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरुवा, बारी को विद्यालय में क्रियान्वित कर छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर हमारे नायक के रूप में चयनित होकर सम्मानित हुए। पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 में विद्यालय के छात्र संजय चतुर्वेदी तथा कु.पल्लवी द्वारा निर्मित हस्तपुस्तिका को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट अकादमिक दायित्व निर्वहन एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए छ.ग. शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण शिक्षादूत पुरस्कार, पढ़ई तुंहर पारा तथा आनलाईन क्लास में उत्कृष्ट योगदान हेतु शिक्षक दिवस के अवसर पर छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव तथा संचालक समग्र शिक्षा द्वारा सम्मानपत्र। पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 में सर्वश्रेष्ठ योगदान हेतु उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान। संभागीय शिक्षा गौरव अलंकरण उत्कृष्ट प्रधान पाठक पुरस्कार। श्री अरविंदो सोसायटी द्वारा लगातार 3 बार टीचर इनोवेशन अवार्ड। राज्यस्तरीय अक्षय शिक्षा अलंकरण। शिक्षा विभाग से, समाज से, शासन से तथा भारत के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर शैक्षिक गतिविधियों पर लगभग 3000 से अधिक सम्मान पत्र /प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके हैं। विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न शिक्षक के रूप में समाज व शिक्षा के क्षेत्र में पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा,समर्पण भावना, उत्कृष्ट नवाचारी शैक्षणिक कार्यों के फलस्वरूप राज्यपाल पुरस्कार 2022 के लिए चयनित हुए हैं।