
छत्तीसगढ़ /धमतरी,
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इन दिनों निजी अस्पतालों समेत अब सरकारी अस्पताल की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है, जिले में एक के बाद एक समान मामले सामने आ रहे हैं लेकिन जि़म्मेदार अधिकारी के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।
वहीं जब निजी अस्पताल से पोस्टमार्टम बगैर शव परिजनों को सौंपने का मामला हमने उठाया था जिसे राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत के चलते निजी अस्पताल संचालक से मामूली अर्थदंड लेकर मामले को रफादफा कर दिया गया।
इस मामले में निजी अस्पताल संचालक उन दिनों लगातार जिला कार्यालय के चक्कर काटते दिखाई दे रहा था, जो अधिकारियों से मिलीभगत कर लिया था, जिम्मेदारों ने महज मामूली से अर्थदंड अधिरोपित कर मामले की विज्ञप्ति जारी कर दी। सूत्र में मुताबिक इस मामले में तत्कालीन मुखिया का बड़ा हाथ रहा। नहीं तो विभागीय चिकित्सा अधिकारी अपनी बोली हुई जुबां से नहीं मुकरते, लेकिन दबाव के चलते जिला प्रशासन के आगे उन्हें भी नतमस्तक होना पड़ा। इस मामले को शांत हुए अभी 1 सप्ताह भी नही बीता था कि बिलकुल वैसा ही मामला जिला अस्पताल से उजागर हो गया।
जानें क्या है ताजा मामला…

मिली जानकारी के मुताबिक बगस सोनवानी पिता रामदयाल सोनवानी 65 वर्ष अपनी बेटी को उसके मायके छोड़ने पिकअप वहां में लेकर ग्राम कोड़ापार से छाती जा रहा था..इस दौरान भाठागांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे दूध टैंकर और पिकअप में जबरदस्त टक्कर हो गया। भिड़ंत में बगस सोनवानी पिता रामदयाल सोनवानी 65 वर्ष व उनकी पुत्री को गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें कुरूद अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया लेकिन बगस सोनवानी की स्थिति गंभीर होने कर कारण उन्हें धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया……
जहां जिला अस्पताल धमतरी में उनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई…
मृत्यु पश्चात शव को बिना पोस्टमार्टम किए परिजनों को सौंप दिया गया। जिसे परिजनों ने अपने गांव लाकर अंतिम संस्कार भी कर दिया।
अब देखना होगा कि जिला अस्पताल द्वारा की गई इस चूक पर किस तरह परदा डाला जाता है? कहीं किसी बेगुनाह को इस मामले में मोहरा तो नही बनाया जायेगा? ये आने वाला समय बताएगा।
चुनेश साहू 7049466638





