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अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नगरी का माता तालाब सौंदर्यीकरण कार्य….40 लाख के सौंदर्यीकरण में गुणवत्ता से खिलवाड़, वार्डवासियों में रोष      मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी जोरों पर 

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धमतरी / नगरी 

 

नगर पंचायत नगरी के वार्ड क्रमांक 13 और 15 में विकास के नाम पर सरकारी खजाने की बंदरबांट का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहाँ माता तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत लगभग 40 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि अब विवादों के घेरे में है। निर्माण कार्य में बरती जा रही घोर लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सौंदर्यीकरण के नाम पर हो रही इस खानापूर्ति से आक्रोशित वार्डवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार द्वारा मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराया जा रहा है। निर्माण स्थल पर प्रयुक्त हो रही रेत, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता इतनी निम्नस्तरीय है कि यह ढांचा खड़ा होने से पहले ही जर्जर नजर आने लगा है। तकनीकी रूप से किसी भी कंक्रीट निर्माण की मजबूती के लिए नियमित तराई (क्योरिंग) अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ इस बुनियादी प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बिना तराई और घटिया मसाले (सीमेंट रेत गिट्टी का मिश्रण)के दम पर खड़ा किया जा रहा यह सौंदर्यीकरण केवल कागजों पर ही टिका रहेगा और पहली बारिश में ही ढहकर सरकारी धन की बर्बादी का गवाह बनेगा।

इस अनियमितता के विरुद्ध महेश साहू, दिलीप कुमार लहरे और खिलेश्वरी मल्होत्रा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने लामबंद होकर सिहावा विधायक, एसडीएम नगरी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह केवल धन का दुरुपयोग नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की आस्था और उम्मीदों के साथ भद्दा मजाक है। वार्डवासियों के हस्ताक्षरों से युक्त इस शिकायत पत्र ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

ग्रामीण अब इस मामले को कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक ले जाने की तैयारी में हैं। उनकी मांग है कि जब तक किसी उच्च स्तरीय तकनीकी टीम से निर्माण की जांच नहीं कराई जाती, तब तक कार्य पर रोक लगाई जाए। अब देखना यह होगा कि नगरी का प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अख्तियार करता है, या फिर 40 लाख की यह योजना भी कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर फाइलों में दफन हो जाएगी।

 

वहीं इस मामले में नगर पंचायत नगरी के सीएमओ यशवंत कुमार वर्मा के कहना है कि जो भी कार्य चल रहा है वो इंजीनियर के सतत् निगरानी में स्टीमेट के आधार पर गुणवत्तापूर्वक कार्य जारी है ।

 

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