
पंडरिया।
सतनामी समाज के महान संत सतनाम पंथ प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पंडरिया में इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सौहार्द के साथ भव्य रूप में मनाई गई। 18 दिसंबर को आयोजित जयंती समारोह के अंतर्गत निकाली गई विशाल रैली, आकर्षक झांकियों, डीजे और धूमाल के साथ पूरे नगर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर पंडरिया के मुस्लिम समाज द्वारा दिया गया भाईचारे और मानवता का संदेश कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
जयंती रैली में शामिल सतनामी समाज के हजारों श्रद्धालुओं का मुस्लिम समाज के लोगों ने लड्डू बांटकर आत्मीय स्वागत किया। धर्म और मजहब की सीमाओं से ऊपर उठकर किए गए इस सम्मान ने सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द की एक सशक्त मिसाल पेश की। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए है—“इंसान, इंसान में कोई भेद नहीं”—और यही विचार सभी समाजों को जोड़ने का कार्य करता है।
मुस्लिम समाज के लोगों ने यह भी कहा कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के समानता, प्रेम और भाईचारे के विचारों का अनुसरण करते हैं तथा आगे भी सतनामी समाज के जयंती आयोजनों के साथ-साथ उनके सुख-दुख में सहभागी बनते रहेंगे। इस अवसर पर सतनामी समाज की ओर से राजकुमार अनंत, मुन्ना डाहिरे और अजय जांगड़े ने मुस्लिम समाज द्वारा किए गए इस आत्मीय सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और इसे मानवता व सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के समापन पर दोनों समाजों के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए आपसी सौहार्द को और मजबूत करने का संकल्प लिया। इस प्रकार बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती न केवल धार्मिक आस्था का पर्व बनी, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पूरे पंडरिया में भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण के साथ संपन्न हुई।





