
रायपुर।
छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक नया महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। नए निर्देशों के तहत अब स्कूल शिक्षकों को न सिर्फ शिक्षा संबंधी दायित्व निभाने होंगे, बल्कि परिसर में मौजूद खतरनाक जीव-जंतुओं जैसे सांप, बिच्छू, कीड़े-मकोड़े और अन्य वन्यजीवों पर भी सतर्क निगरानी रखनी होगी।
आदेश में कहा गया है कि कई ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित स्कूल खुले मैदानों, झाड़ियों या पुराने भवनों के बीच संचालित हैं, जहां सांप-बिच्छू के देखे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए DPI ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों को नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया है।
DPI के आदेश की मुख्य बातें
प्रतिदिन स्कूल शुरू होने से पहले शिक्षक एवं कर्मचारी स्कूल परिसर का निरीक्षण करेंगे। कक्षाओं, शौचालयों, खेल मैदान, पानी की टंकियों और आसपास के झाड़ियों को जांचने का निर्देश।नपुराने सामान, टूटे फर्नीचर, बेकार ड्रम, व स्टोर रूम की नियमित सफाई अनिवार्य। यदि कहीं सांप या अन्य विषैले जीव दिखें तो तुरंत जिला वन विभाग/आपदा प्रबंधन दल को सूचना देना आवश्यक।
बच्चों को वन्यजीवों से बचाव, सतर्कता और सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी देने के लिए स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश। स्कूलों के परिसर में झाड़ियों और कचरे की सफाई हर सप्ताह अनिवार्य की गई।
विभाग का बयान
DPI अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि “स्कूल बच्चे माता-पिता की जिम्मेदारी हम पर छोड़ते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़ा कोई भी पक्ष उपेक्षित नहीं किया जा सकता। सांप-बिच्छू के खतरे को हल्के में नहीं लिया जाएगा और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया जाएगा।”
शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
अनेक शिक्षकों ने आदेश का स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि स्कूलों में पर्याप्त कर्मचारी, सफाई व्यवस्था और आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएं, ताकि निर्देशों का पालन प्रभावी रूप से किया जा सके।
माता-पिता में राहत
बच्चों की सुरक्षा के प्रति DPI के नए कदम से अभिभावकों ने राहत जताई है। ग्रामीण इलाकों में इस संबंध में कई शिकायतें आती रही हैं, जिन पर अब सख्ती से कार्रवाई होगी।





