
गरियाबंद। उदंती-सीतानदी अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चल रही निगरानी के तहत एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी सफलता दर्ज की है। टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए दो अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक जिंदा पैंगोलिन (शल्कीय जीव) बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए दोनों आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं और लंबे समय से वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
पकड़े गए पैंगोलिन की प्रजाति शेड्यूल-1 में दर्ज है, जिसकी तस्करी वन्यजीव संरक्षण कानून 1972 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। इसी प्रजाति की खाल और शल्क अंतरराष्ट्रीय काला बाज़ार में ऊंची कीमतों पर बेची जाती है।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, इस तस्करी की सूचना वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन तक पहुंचने के बाद संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम लंबे समय से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। आखिरकार सोमवार देर रात जंगल से लगे क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा गया।
दोनों तस्कर जेल भेजे गए
पूछताछ के बाद वन विभाग ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और संभावना है कि इस गिरोह में और भी लोग जुड़े हों जिनकी तलाश की जा रही है।
वन विभाग का बयान
अभयारण्य प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—“पैंगोलिन की तस्करी, देश में सबसे तेजी से बढ़ते वन्यजीव अपराधों में से एक है। इस कार्रवाई ने तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।”
स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लालच में आकर इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विभाग गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
जिंदा पैंगोलिन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार आरोपी ओडिशा के रहने वाले वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन के सहयोग से कार्रवाई शेड्यूल-1 प्रजाति की तस्करी पर कड़ा कानून न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया





