
पंडरिया। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत आज ग्राम अगरिकला में क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परियोजना का शुभारंभ किया गया। ज्ञानपुर से अगरिकला तक बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण योजना का भूमिपूजन क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह परियोजना लगभग ₹1 करोड़ 6 लाख रुपए की लागत से तैयार की जाएगी।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सड़क निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पंडरिया विधानसभा के विकास और सुगम आवागमन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
किसानों और विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी। परिवहन लागत में कमी आएगी और फसल की बिक्री में तेजी आएगी। विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भी आने-जाने में अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
डबल इंजन सरकार की विकास प्रतिबद्धता का उदाहरण
कार्यक्रम के दौरान संबोधन में वक्ताओं ने कहा— “यह मार्ग केवल सीमेंट और डामर की सड़क नहीं, बल्कि डबल इंजन भाजपा सरकार के सुशासन, विश्वास और जनता के विकास के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, अधोसंरचना और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। पिछले एक वर्ष में पंडरिया विधानसभा में हुए विकास कार्यों ने स्थानीय जनजीवन में सकारात्मक सुधार लाया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश विकास पथ पर अग्रसर
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से विकास कार्यों को गति मिल रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव तक बेहतर सड़क, हर घर तक मूलभूत सुविधाएं और हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुँचे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
इस सड़क निर्माण योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह परियोजना केवल भौतिक विकास का प्रतीक नहीं बल्कि ग्रामीण भारत को मुख्यधारा से जोड़ने का मजबूत प्रयास भी है।





