
जगदलपुर। नगर निगम क्षेत्र में आवारा और घुमंतू पशुओं की वजह से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार चेतावनी, जागरूकता अभियान और पकड़ाई कार्रवाई के बावजूद पशु मालिकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में अब नगर निगम ने सख़्त रुख अपनाने का फैसला लिया है।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष तिवारी ने बताया कि सड़कों पर भटकने वाले गाय, बैल, भैंस और अन्य पशु शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। कई बार पशुओं को पकड़कर गोठानों या नगर निगम के शेड में भेजे जाने के बाद भी मालिक उन्हें फिर से सड़क पर खुला छोड़ देते हैं।
क्या कहा निगम प्रशासन ने?
शहर में पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पशुओं के अचानक सड़क पर आ जाने की वजह से मोटरसाइकिल, स्कूटी और कार सवारों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है। कई सोशल मीडिया वीडियो और शिकायतों के बाद नगर निगम ने अब कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया — “अब सड़क पर मिले आवारा पशुओं के वास्तविक मालिकों की पहचान होने पर उनके खिलाफ IPC की धारा के तहत FIR दर्ज की जाएगी।”
नगर निगम की कार्यवाही में शामिल होंगे ये कदम: शहर में टीम तैनात कर पशुओं की पहचान मालिकों को पहले नोटिस, फिर कानूनी कार्रवाई जुर्माने के साथ-साथ FIR दर्ज करने की तैयारी बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कठोर दंड
नागरिकों से अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि अपने पशुओं को घर या निर्धारित स्थान पर ही बांधकर रखें। यदि कोई दुर्घटना होती है, तो प्रशासन अब इसे लापरवाही का अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई करेगा।
लोगों की प्रतिक्रिया
शहर के आम नागरिकों और वाहन चालकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि— “यह फैसला बहुत पहले लिया जाना चाहिए था। सड़क पर अचानक जानवरों के आ जाने से रोज हादसे होते हैं। अब शायद हालात सुधरेंगे।”
नगर निगम जगदलपुर का यह फैसला शहर की यातायात व्यवस्था और जन सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस सख्त कार्रवाई के बाद सड़क पर घूमते पशुओं की समस्या कितनी कम होती है।





