
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने संबंधी बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए फैसलों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी बढ़ाकर बिल में राहत देने का फैसला लिया है। निर्णय के तहत राज्य के लगभग 65 लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
100 यूनिट तक उपभोग करने वालों को बड़ी छूट
कैबिनेट निर्णय के अनुसार: 0 से 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ मिलेगा। उपभोक्ताओं को अब केवल न्यूनतम शुल्क देना होगा, शेष राशि सरकार वहन करेगी।
सरकार का दावा है कि इस कदम से गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। , 200 यूनिट तक उपभोग वालों को आंशिक सब्सिडी , 101 से 200 यूनिट तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में भी सब्सिडी लागू होगी। यह फैसला शहरी क्षेत्रों में भी लागू रहेगा।
सरकार का उद्देश्य – जनता को आर्थिक राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा— “राज्य सरकार जनता को राहत देने और जीवनयापन की लागत कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बिजली बिल सब्सिडी योजना उसी कड़ी का हिस्सा है।”
उन्होंने बताया कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने तथा बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए भी बजट का प्रावधान कर रही है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा – चुनावी वादा अब पूरा
फैसले के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इस फैसले को “जनता का दबाव और चुनावी वादा पूरा करने का प्रयास” बताया, जबकि सत्तापक्ष इसे “जन-कल्याणकारी निर्णय” बता रहा है।
जनता में खुशी, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
फैसले के बाद सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है। कई लोगों ने टिप्पणी की कि बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत बेहद जरूरी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा उपभोग के संतुलन को प्रभावित करेगा, लेकिन आमजन को तात्कालिक राहत जरूर देगा।





