
कवर्धा/कुण्डा |
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी ने संगठन विस्तार और प्रकोष्ठों को मजबूत करने की प्रक्रिया के तहत नई नियुक्तियों की घोषणा की है। पार्टी की राज्य अध्यक्ष किरण सिंह देव द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदीप कैवर्त को मछुआरा प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय की अनुशंसा पर अनुमोदित की गई है।
बताया जा रहा है कि प्रदीप कैवर्त लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए मछुआरा समाज, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्र के बीच मजबूत नेटवर्क बनाकर पार्टी की विचारधारा को निरंतर आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे थे। उनकी इसी सक्रियता, अनुभव और समर्पित कार्यशैली को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी और समर्थकों में उत्साह
प्रदीप कैवर्त की नियुक्ति की घोषणा के बाद उनके समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर देखने को मिली। लगातार फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
“विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प” — प्रदीप कैवर्त
नियुक्ति के बाद मीडिया से चर्चा में प्रदीप कैवर्त ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा— “भारतीय जनता पार्टी ने मेरे जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को जो सम्मान और भरोसा दिया है, वह मेरे लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। पार्टी की नीतियों को मछुआरा समाज तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने के लिए मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाएँ विशेषकर मछुआरा एवं जलजीव उत्पादक वर्ग के लिए एक नए परिवर्तन का मार्ग खोलेगी और वे इन योजनाओं को जमीन स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कराने में अपना योगदान देंगे
प्रदेश भाजपा संगठन ने जताया विश्वास
प्रदेश भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रदीप कैवर्त की नियुक्ति से मछुआरा समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी और आने वाले चुनावी दौर में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।
प्रदीप कैवर्त की यह नियुक्ति न केवल संगठनात्मक मजबूती का संकेत है, बल्कि पार्टी की उस नीति को भी दर्शाती है जिसमें जमीनी कार्यकर्ताओं को प्रमुख जिम्मेदारी देकर नेतृत्व को आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेशभर की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





