
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब जूनियर डॉक्टर मरीजों के लिए सीधे सीटी स्कैन की पर्ची नहीं बना सकेंगे। इसके लिए अब संबंधित यूनिट इंचार्ज या वरिष्ठ चिकित्सक का अनुमोदन अनिवार्य होगा।
मरीजों की सुरक्षा और अनावश्यक जांच रोकना उद्देश्य
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कई बार सीटी स्कैन जैसे महंगे परीक्षण बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के लिख दिए जा रहे थे। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। नए नियम से अब केवल जरूरत होने पर ही इस जांच के निर्देश जारी होंगे।
डॉक्टरों को दी गई सूचना अस्पताल प्रशासन ने सभी विभागों के जूनियर डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि_”बिना यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर के सीटी स्कैन की पर्ची पूरी तरह अमान्य मानी जाएगी।” इसके लिए अस्पताल में नोटिस बोर्ड पर भी सूचना चस्पा की गई है।
मरीजों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
✔ कुछ मरीजों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जांचों की अनावश्यक भीड़ कम होगी।
✖ वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इस नए नियम की वजह से गंभीर मरीजों को जांच कराने में देरी हो सकती है।
अस्पताल प्रबंधन का रुख
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो आपातकालीन डॉक्टरों को अधिकार रहेगा कि वे तुरंत जांच की पर्ची जारी कर सकें। इसके लिए अलग से प्रोटोकॉल तैयार किया गया है।
क्या बदलेगा और क्या रहेगा पहले जैसा? विषय पहले अब सीटी स्कैन की पर्ची जूनियर डॉक्टर लिख सकते थे अब यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर अनिवार्य आपातकालीन केस सामान्य प्रक्रिया तुरंत अनुमति संभव मरीजों का खर्च कई बार अनावश्यक नियंत्रित होने की संभावना स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
सूत्रों के अनुसार यह कदम अस्पताल में बढ़ रहे मरीज भार, शिकायतों और अनावश्यक जांच के मामलों को देखते हुए लिया गया है। आने वाले समय में इस व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने अपील की है कि मरीज और उनके परिजन नए नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें।





