
भिलाई/चरोदा/कुम्हारी —
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जमीन की गाइडलाइन दरों में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ भिलाई-चरोदा-कुम्हारी क्षेत्र में आज आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा। शासन के इस निर्णय को दमनकारी बताते हुए नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों व विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया।
सुबह से ही भिलाई-3 के धरनास्थल पर लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। हाथों में तख्तियां, पोस्टर और नारों के साथ प्रदर्शनकारी रैली के रूप में सड़कों पर उतरे और भिलाई-3 तहसीलदार कार्यालय का घेराव किया।
“बढ़ी हुई दरें वापस लो” के गूंजे नारे
प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद गर्म रहा। भीड़ बार–बार सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करती रही। लोगों ने कहा कि— “गाइडलाइन दरों में की गई यह बढ़ोतरी अन्यायपूर्ण, असंगत और जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाली नीति है।” प्रतिबंधित रजिस्ट्री और बढ़ी हुई दरों के चलते जमीन.. मकान खरीदने और बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में सभी प्रतिनिधिमंडलों ने मिलकर तहसीलदार कार्यालय में ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गईं—
✔️ गाइडलाइन दरों में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
✔️ जमीन संबंधी सभी जनहित मुद्दों पर पुनर्विचार हो।
✔️ जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने वाली नीतियां रद्द की जाएं।
✔️ आम नागरिकों को राहत देने हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
विरोध जारी रहने के संकेत
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो विरोध आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।स्थानीय लोगों की राय “हमारी जमीनें हमारी ज़िंदगी हैं, और उस पर निर्णय बिना जनता से राय लिए कैसे?” “रजिस्ट्री बंद है, लोग परेशान हैं—सरकार सुनवाई करे।”
क्षेत्र में गाइडलाइन दरों की बढ़ोतरी का मुद्दा लगातार उबाल पर है। अब निगाहें शासन के फैसले पर टिक गई हैं।
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