
हांगकांग। शहर में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब 1980 के दशक में बनी बहुमंजिला रिहायशी इमारतों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में इमारतों के कई फ्लोर को चपेट में ले लिया। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल और बेघर हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 1 बजे इमारत की पांचवीं मंज़िल से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे ब्लॉक को अपनी लपटों में घेर लिया। कई लोग सो रहे थे और समय रहते बाहर नहीं निकल सके। इस वजह से हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है।
दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां सुबह तक आग बुझाने में जुटी रहीं। रेस्क्यू टीमों ने अब तक इमारतों के अंदर से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, लेकिन प्रशासन को आशंका है कि मलबे में अभी भी लोग फंसे हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी, उसका बड़े पैमाने पर नवीनीकरण कार्य चल रहा था। यह भी जांच का विषय है कि कहीं निर्माण सामग्री या मरम्मत कार्य में लापरवाही तो इस भीषण दुर्घटना की वजह नहीं बनी।
स्थानीय सरकार ने इस हादसे को “शहर के इतिहास की सबसे गंभीर आग दुर्घटनाओं में से एक” बताया है और पीड़ितों के लिए राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हादसे के बाद सरकार पर पुरानी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद हांगकांग में माहौल गमगीन है। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और परिजन लापता लोगों की तलाश में परेशान दिखाई दे रहे हैं।





