
नई दिल्ली,
संसद के शीतकालीन सत्र की तैयारियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों को सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक सत्र शुरू होने से ठीक पहले आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी विधायी एजेंडे और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विपक्ष के साथ संवाद बढ़ाने, महत्वपूर्ण विधेयकों पर सहमति बनाने और शीतकालीन सत्र के दौरान होने वाले संभावित मुद्दों को संतुलित तरीके से उठाने पर विशेष बातचीत होगी।
इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिनमें—
न्याय व्यवस्था सुधार से जुड़े विधेयक
डेटा सुरक्षा और साइबर कानूनों में संशोधन संबंधित बिल
महिला आरक्षण कानून क्रियान्वयन से जुड़े उपनियम
वित्त और विकास से जुड़े विधेयक
शामिल हैं।
वहीं विपक्ष की योजना है कि महंगाई, बेरोजगारी, कृषि मुद्दों, और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को मजबूती से सदन में उठाया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र कई मायनों में अहम साबित हो सकता है, क्योंकि यह आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले का प्रमुख संसदीय सत्र है। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति के साथ सदन में उतरेंगे।
किरण रिजिजू ने उम्मीद जताई है कि सर्वदलीय बैठक में पारस्परिक सहयोग और सकारात्मक माहौल बनेगा, ताकि सत्र सुचारू और प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके





