
नई दिल्ली।
आज देशभर में संविधान दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर संसद परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति भी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के तहत डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके अलावा संविधान की मुख्य धाराओं, प्रस्तावना और मौलिक अधिकारों से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है?
26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर वर्ष संविधान दिवस मनाया जाता है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों शामिल
कार्यक्रम के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रण भेजा गया है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम संसद के शीतकालीन सत्र की दिशा भी तय करेगा।
स्कूल-कॉलेजों में भी कार्यक्रम
देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में भी संविधान पाठ, प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण
“संविधान सिर्फ क़ानूनी दस्तावेज़ नहीं, देश की आत्मा है।”
— डॉ. भीमराव अंबेडकर
संविधान दिवस के अवसर पर देशभर में कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।





