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सीजीपीएससी रिज़ल्ट  सरगुजा के बेटा–बेटियों का जलवा, मैनपाट की ललिता और सीतापुर के मयंक बने डिप्टी कलेक्टर

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एसटी कैटेगरी में हासिल किया पहला और दूसरा स्थान

रायपुर/सरगुजा।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के बहुप्रतीक्षित परिणाम में सरगुजा जिले ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस बार मैनपाट की ललिता पैंकरा और सीतापुर के मयंक ने एसटी कैटेगरी में क्रमशः पहला और दूसरा रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर दिया। दोनों का डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन हुआ है, जिससे पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।

ललिता पैंकरा: सब्जियां बेचकर बेटी को पढ़ाने वाले पिता की मेहनत रंग लाई

मैनपाट की रहने वाली ललिता पैंकरा ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनके पिता सब्जियां बेचकर परिवार का भरण–पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ललिता ने कभी भी सपनों को छोटा नहीं होने दिया।

प्रतिदिन घर के कामों में सहयोग करने के बाद वह घंटों पढ़ाई करती थीं। उनके संघर्ष और मेहनत ने उन्हें एसटी कैटेगरी में पहला स्थान और डिप्टी कलेक्टर की प्रतिष्ठित पदवी दिला दी।

ललिता ने परिणाम आने के बाद कहा, “पापा की मेहनत मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कभी मुझे पढ़ाई से रोका नहीं, बल्कि हर कदम पर साथ दिया।”

सीतापुर के मयंक: फॉरेस्ट कर्मचारी के बेटे ने हासिल किया दूसरा रैंक

सीतापुर निवासी मयंक, जिनके पिता वन विभाग में कर्मचारी हैं, बचपन से ही अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण सीखते आए। मयंक ने इस बार CGPSC में एसटी कैटेगरी में दूसरा स्थान अर्जित किया है।

अपने सधे हुए अध्ययन और नियमित रूटीन के चलते उन्होंने कई चुनौतियों को पार किया और आखिरकार डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए।

मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को देते हुए कहा, “मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मैं पीछे हूं। बस लगातार मेहनत की और खुद पर विश्वास रखा।”

सरगुजा में जश्न का माहौल, लोगों ने एक-दूसरे को बांधी मिठाई

दोनों चयनों के बाद सरगुजा जिले में उत्सव जैसा माहौल है। मैनपाट और सीतापुर दोनों इलाकों में घर-घर मिठाइयाँ बांटी जा रही हैं। गांव–समाज के लोगों ने इसे पूरे जिले की उपलब्धि बताया है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी दोनों को बधाई देते हुए कहा कि ललिता और मयंक आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे।

माता-पिता के संघर्ष और अनुशासन की जीत

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों से निकलकर कठिन परिस्थितियों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि लगन, समर्पण और परिवार का समर्थन किसी भी चुनौती को मात दे सकता है।

ललिता और मयंक न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे सरगुजा और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नई प्रेरणा हैं।

प्रदेश में CGPSC परिणाम आने के बाद योग्य उम्मीदवारों का इंटरव्यू और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

आने वाले दिनों में इन नए अधिकारियों की पोस्टिंग भी निर्धारित की जाएगी।

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