
जिला मुख्यालय।
धान खरीदी सीजन के बीच हड़ताल पर गए सहकारी समिति कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। लगातार चेतावनी और नोटिस के बाद भी कार्य पर नहीं लौटने के कारण 13 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं 3 कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का प्रस्ताव तहसीलदार द्वारा संबंधित थाने को भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से समिति कर्मचारी मांगों को लेकर कार्य से अनुपस्थित थे। धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी लागू की थी, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों द्वारा बार-बार अव्यवस्था फैलाने और खरीदी केंद्रों में बाधा उत्पन्न करने जैसी शिकायतें सामने आईं।
प्रशासन का कड़ा संदेश
अधिकारियों ने कहा कि धान खरीदी किसानों से सीधे जुड़ा संवेदनशील कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार चेतावनी, नोटिस और वार्ता के प्रयासों के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं करने पर यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई।
इन पर हुई कार्रवाई
प्रभारी प्रबंधक सहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्ती आदेश जारी
3 कर्मचारियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अव्यवस्था फैलाने और खरीदी प्रक्रिया रोकने के आरोप में FIR प्रस्तावित
अन्य हड़ताली कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी जारी
किसान बोले—“खरीदी में बाधा अस्वीकार्य”
स्थानीय किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल के चलते खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था बढ़ रही थी, जिससे उन्हें दिनभर परेशान होना पड़ रहा था।
आगे क्या?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे। आदेश की प्रति सभी समिति संचालकों और सहकारी संघों को भी भेज दी गई है।





