
समिति प्रबंधक निलंबित, 50 प्रबंधकों पर एफआईआर की तैयारी
रायपुर।
राज्य में धान खरीदी व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई सहकारी समितियों के प्रबंधकों पर गाज गिरी है। धान खरीदी में लापरवाही, अनियमितता और प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप में एक समिति प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही 50 से अधिक प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों कुछ समितियों में किसानों की पंजीकृत उपस्थिति के बावजूद तौल बंद रखना, टोकन वितरण में जानबूझकर देरी करना, तथा खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था फैलाना जैसे मामले सामने आए थे। इन शिकायतों की तहकीकात के बाद कलेक्टर्स ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने दिए साफ निर्देश
कलेक्टरों ने कहा कि धान खरीदी किसानों के हित से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि खरीदी में बाधा डालने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो एसडीएम एवं तहसीलदार स्तर पर भी निरीक्षण बढ़ाया जाएगा।
किसानों ने जताई संतुष्टि
प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों में कुछ प्रबंधकों की मनमानी के कारण उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ता था और कई बार तौल भी नहीं हो पाती थी। अब कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
सरकार की दो-टूक— खरीदी होगी समय पर
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि चाहे कोई भी बाधा उत्पन्न करे, धान खरीदी प्रक्रिया समय पर और बिना रुकावट के जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।





