
जिला मुख्यालय। जिले में रेत खदानों की नीलामी के पहले चरण में बड़ा विवाद सामने आया है। हाल ही में खनिज विभाग द्वारा 5 रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई गई थी, लेकिन इनमें से सबसे महत्वपूर्ण लेबड़ा रेत घाट विवादों के घेरे में आ गया। आरोपों और आपत्तियों के चलते खनिज विभाग ने इस घाट के टेंडर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया के दौरान पात्रता मानकों और बोली दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें विभाग तक पहुंचीं। लेबड़ा रेत घाट को लेकर कई दावेदारों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए नीलामी में पारदर्शिता पर सवाल उठाए। विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद बोली प्रक्रिया को अवैध मानते हुए इसे रद्द करने का निर्णय लिया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 16 रेत घाटों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था, जिसके लिए खनिज विभाग ने हाल ही में एनआईटी जारी की थी। पहले चरण में 5 रेत घाटों की नीलामी पूरी हो गई थी, लेकिन लेबड़ा घाट पर विवाद गहराने के बाद पूरी प्रक्रिया को रोकना पड़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विवादित घाट की नीलामी नए सिरे से की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर लेबड़ा रेत घाट एक महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है, जहां से प्रतिदिन भारी मात्रा में रेत आपूर्ति होती है। ऐसे में नीलामी विवाद ने निर्माण कार्यों पर भी असर डालने की आशंका बढ़ा दी है। विभाग ने कहा कि नई प्रक्रिया पूरी होने तक घाट से रेत उत्खनन पर सख्त निगरानी रहेगी।
वहीं, नीलामी में हिस्सा लेने वाले बोलीदाताओं ने विभाग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया ही सभी के हित में है। हालांकि कुछ लोगों ने देरी से काम प्रभावित होने की चिंता भी जताई है।





