
रायपुर। राजधानी में चर्चित सूदखोरी प्रकरण में गिरफ्तार किए गए आरोपी वीरेंद्र तोमर की पांच दिन की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और अब आरोपी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आरोपी को न्यायिक रिमांड (जेल भेजने) की तैयारी में है।
मामले के अनुसार, आरोपी वीरेंद्र तोमर लंबे समय से शहर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में अवैध तरीके से सूद पर रुपए उधार देने और ब्याज के नाम पर लोगों से मनमाने तरीके से वसूली करने के आरोपों में घिरा हुआ था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनसे दोगुना–तिगुना तक पैसा वसूल करता था। इसके अलावा धमकाने, दबाव बनाने और संपत्ति हड़पने जैसी शिकायतें भी पुलिस के पास दर्ज हुई थीं।
बीते सप्ताह पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पाँच दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के घर और ठिकानों पर छापेमारी कर रजिस्टर, दस्तावेज, स्टाम्प पेपर, खाली चेक, संपत्ति कागजात और मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत कई अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनसे सूदखोरी के बड़े नेटवर्क का अंदेशा जताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसकी पुष्टि के लिए आगे जांच जारी है। टीम अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती है।
आज आरोपी को कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान पुलिस न्यायिक रिमांड की मांग करेगी, ताकि आगे की कार्रवाई सुचारू रूप से की जा सके। न्यायालय के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपी को जेल भेजा जाएगा या रिमांड अवधि बढ़ाई जाएगी।इस कार्रवाई ने शहर में फैले सूदखोरों के हौसले पर असर डाला है और लोग प्रशासन की इस पहल को राहत के रूप में देख रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर और सख्ती की जाए, तो आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।





